बिहार के बगहा में Gandak River का तटबंध 10 मीटर टूटा, तीन गांवों में बाढ़ का खतरा

पश्चिम चंपारण के बगहा ब्लॉक में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने पर चंपारण तटबंध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पानी कृषि भूमि में फैलने से अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर गांवों के निचले इलाकों में संकट गहरा गया है। जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटी है।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में उफनती गंडक नदी के किनारे चंपारण तटबंध का करीब 10 मीटर हिस्सा सोमवार शाम टूट गया, जिससे तीन गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने सोमवार शाम जारी बयान में बताया कि बगहा ब्लॉक के खैरटवा गांव के पास तटबंध में यह कटाव उस समय हुआ, जब गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 90.90 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
विभाग के अनुसार, कटाव के बाद बाढ़ का पानी कृषि भूमि में फैल रहा है और इससे अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर गांवों के निचले इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है। बयान के मुताबिक, जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर तटबंध की मरम्मत में जुटी है। पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने भी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए हैं।
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
अन्य न्यूज़














