Goa में 27 लाख देकर फर्जी अफसर बना शख्स, Excise Department की कुर्सी पर बैठते ही धराया

गोवा में सरकारी पद पाने के लिए 27 लाख रुपये देने वाले मनोज तालेकर को फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ पदभार संभालने पहुंचने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह आबकारी विभाग के दफ्तर जाकर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त की कुर्सी पर बैठ गया था। पड़ताल में आदेश फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने प्रतिरूपण का मामला दर्ज कर नौकरी का झांसा देने वाले अजीत शंखवलकर की तलाश शुरू कर दी है।
पणजी, नौ अक्टूबर गोवा में सरकारी नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर 27 लाख रुपये देने वाले एक व्यक्ति को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब वह नियुक्ति पत्र लेकर आबकारी विभाग के कार्यालय पहुंचा और कुछ देर के लिए अतिरिक्त आबकारी आयुक्त की कुर्सी पर बैठ गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मनोज तालेकर नामक व्यक्ति बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग के कार्यालय पहुंचा और उसने दावा किया कि उसे अतिरिक्त आबकारी आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अश्विन चंद्रू के स्थानांतरण के बाद यह पद खाली हुआ था। विभाग के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि तालेकर के नाम से कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
पणजी के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तालेकर को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान तालेकर ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करने वाले अजीत शंखवलकर नामक व्यक्ति को 27 लाख रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि शंखवलकर ने बाद में तालेकर को एक नियुक्ति पत्र दिया और उसे गोवा के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त का पदभार संभालने के लिए कहा।
अधिकारी के मुताबिक, तालेकर ने एक आदेश भी पेश किया, जिस पर कथित रूप से पूर्व आबकारी आयुक्त के हस्ताक्षर थे और उसमें उसे इस पद पर नियुक्त किए जाने की बात कही गई थी। अधिकारी ने बताया कि शंखवलकर का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
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