सरकार हर मुद्दे पर खुली चर्चा को तैयार, पीएम मोदी बोले- संसद में सवाल भी हो और शांति भी हो

सरकार हर मुद्दे पर खुली चर्चा को तैयार, पीएम मोदी बोले- संसद में सवाल भी हो और शांति भी हो

मोदी ने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हिंदुस्तान में चारों दिशाओं में आजादी के अमृत महोत्सव निमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं।

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाददाताओं से बातचीत किया। मोदी ने कहा कि संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। मोदी ने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हिंदुस्तान में चारों दिशाओं में आजादी के अमृत महोत्सव निमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को पूरा करने के लिए देश का सामान्य नागरिक भी कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है। ये अपने आप में भारत के उज्ज्वल  भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान दिवस पर भी नए संकल्प के साथ संविधान की spirit को चरितार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है। देश भी चाहेगा कि भारत की संसद ये सत्र और आने वाले सभी सत्र, आजादी के दीवानों की भावनाओं के अनुकूल देशहित में चर्चाएं करें। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि संसद में सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज प्रखर होनी चाहिए हो, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा के विषय में हम वो आचरण करें, जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए।

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मोदी ने कहा कि भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा योगदान दिया, कितना सकारात्मक काम हुआ, उस तराजू पर तोला जाए। न कि मापदंड ये होना चाहिए कि किसने कितना जोर लगाकर सत्र को रोका। सरकार हर विषय पर खुली चर्चा के लिए तैयार है, सरकार हर सवाल देने का लिए तैयार है। यह संसद का एक महत्वपूर्ण सत्र है। देश के नागरिक एक उत्पादक सत्र चाहते हैं। वे एक उज्जवल भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र के बाद कोरोना की विकट परिस्थिति में भी देश ने कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ से अधिक डोज का आंकड़ा पार कर लिया है और 150 करोड़ की ओर अग्रसर है। नए वेरिएंट की खबरें भी हमें और सतर्क करती है, और सजग करती हैं।





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