'अंगूर खट्टे हैं', Jairam Ramesh पर Piyush Goyal का तंज, पूछा- China को क्यों पहुंचा रहे थे फायदा?

Piyush Goyal
ANI
अंकित सिंह । Jan 30 2026 3:10PM

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ईयू-एफटीए पर जयराम रमेश की टिप्पणी को 'अंगूर खट्टे हैं' बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि यूपीए सरकार समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रही। गोयल ने कांग्रेस पर आरसीईपी के माध्यम से भारत को चीन के साथ एक हानिकारक एफटीए में धकेलकर राष्ट्रीय हितों को खतरे में डालने का भी आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को लेकर कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना की, खासकर चीन के साथ हुए समझौतों को लेकर। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर जयराम रमेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने उनकी प्रतिक्रिया को "अंगूर खट्टे हैं" कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 2006 में चर्चा शुरू करने और 2007 में इसे आगे बढ़ाने के बावजूद समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रही। 

इसे भी पढ़ें: Gamcha विवाद पर Amit Shah का Rahul Gandhi से तीखा सवाल, पूर्वोत्तर से क्या दुश्मनी है?

गोयल ने रमेश की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें "विकास-विरोधी" माना जाता है और पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने देश के विकास पथ को अवरुद्ध किया है। मंत्री गोयल ने कांग्रेस पार्टी से अपने कार्यों का हिसाब मांगा और पूछा कि चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर विचार करके उन्होंने भारत के हितों को कैसे खतरे में डाला। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी ने भारत को क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) में शामिल होने की अनुमति कैसे दी, जो असल में चीन और भारत के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता था।

एएनआई से बात करते हुए गोयल ने कहा, "ये तो अंगूर खाते हैं वाली कहानी है। 2006 में बातचीत शुरू हुई, 2007 में आगे बढ़ी और 2013 में बंद हो गई। उनमें समझौते को अंतिम रूप देने का साहस या इच्छाशक्ति तक नहीं थी। डर के मारे यूपीए और कांग्रेस सरकारें कभी कोई निर्णायक कदम नहीं उठा सकीं। और जयराम रमेश को तो विकास विरोधी माना जाता है, ये तो आप देख ही चुके हैं। पर्यावरण मंत्री रहते हुए उन्होंने देश के विकास की राह रोक दी। 

इसे भी पढ़ें: Chandigarh Mayor Election: BJP का क्लीन स्वीप, INDIA गठबंधन की आपसी फूट से मिली बड़ी जीत


उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का रिकॉर्ड इतना खराब है। जयराम रमेश जैसे दोस्त और कांग्रेस जैसी पार्टियां भारत को चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में शामिल होने के लिए उकसा रही थीं। मैं उनसे सीधे पूछना चाहता हूं: आपने भारत को आरसीईपी में शामिल होने देने के बारे में सोचा भी कैसे, जो असल में चीन और भारत के बीच एक एफटीए था? आपने भारत को खतरे में डालने का साहस कैसे किया? ये कांग्रेस की एक गंभीर गलती थी। कांग्रेस को जनता को जवाब देना होगा कि वे चीन के साथ एफटीए के जरिए भारत के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए कैसे तैयार हो गईं। ये है कांग्रेस का पिछला रिकॉर्ड।

All the updates here:

अन्य न्यूज़