Sukhbir Badal पर हमले की NIA जांच की मांग, Harsimrat Kaur ने Amit Shah को लिखा पत्र

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शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमलों की एनआईए जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के नांदेड़ में 13 अगस्त को हुए हमले और दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई घटना का हवाला देते हुए दोनों के बीच एक बड़ी साजिश का अंदेशा जताया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पंजाब में शांति व सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त को हुए हमले और दिसंबर 2024 में स्वर्ण मंदिर में उनकी हत्या के प्रयास मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने की मांग की। सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में 13 अगस्त को हुई घटना को “घृणित और जघन्य हत्या का प्रयास” बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत ने शाह को लिखे पत्र में कहा कि हत्या के दोनों प्रयासों में “कई परेशान करने वाली समानताएं” हैं, जिससे यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं और क्या इनके पीछे कोई “बड़ी साजिश” है।

उन्होंने लिखा, “मैं व्यक्तिगत पीड़ा और अपने समाज, अपने राज्य पंजाब तथा अपने देश को लेकर गहरी चिंता के साथ यह पत्र लिख रही हूं। खास तौर पर इस बात को लेकर कि पंजाब में सत्ता के पदों पर बैठे लोग किस तरह हिंसा को सामान्य और यहां तक कि जायज ठहरा रहे हैं, मानो राजनीतिक लड़ाइयां लड़ने का यही तरीका हो।” महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर बृहस्पतिवार को एक निहंग सदस्य ने ‘कृपाण’ से हमला कर दिया, जिसमें सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट लगी। हमलावर को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

हरसिमरत कौर ने हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि सुखबीर बादल गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद बाहर निकल रहे थे, तभी एक हमलावर ने उन पर तलवार से हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सतर्क सुरक्षाकर्मी ने हस्तक्षेप करके अपनी जान जोखिम में डालकर हमले को नहीं रोका होता, तो इसके परिणाम “घातक” हो सकते थे। हरसिमरत कौर ने कहा कि अगर हमलावर अपने कथित प्रयास में सफल हो जाता, तो उन्हें और उनके बच्चों को भी निशाना बनाया जाता या नहीं, इसका उन्हें पता नहीं था।

उन्होंने कहा कि 13 अगस्त की घटना कोई अकेली घटना नहीं थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने चार दिसंबर, 2024 को अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में सुखबीर बादल पर हुए हमले का जिक्र किया, जब वह अकाल तख्त के निर्देश पर धार्मिक सेवा कर रहे थे। हरसिमरत कौर ने कहा कि दोनों घटनाएं सिखों के धार्मिक स्थलों पर हुईं और उस समय सुखबीर बादल धार्मिक सेवा में लगे हुए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों का मकसद “पंजाब की एक उदारवादी आवाज” तथा शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव के समर्थक को खत्म करना था। हरसिमरत कौर ने दिसंबर 2024 में हुए हमले से निपटने के पंजाब सरकार के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चार दिसंबर, 2024 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हमलावर नारायण सिंह चौरा के आपराधिक और कथित चरमपंथी अतीत की जानकारी पंजाब पुलिस को थी।

शिअद नेता हरसिमरत ने कहा, “उसे सूचीबद्ध चरमपंथी, स्वयंभू आतंकवादी और कथित आईएसआई एजेंट बताया गया है। अधिकारियों के पास उपलब्ध सूचनाओं से यह भी संकेत मिला था कि उसने सुखबीर बादल को जान से मारने की धमकी दी थी।” उन्होंने कहा कि इसके बावजूद चौरा को कथित तौर पर परिसर में खुलेआम घूमने और “बिना सुरक्षा” के सुखबीर बादल तक सीधे और बिना किसी रुकावट के पहुंचने दिया गया। हरसमिरत ने कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था और मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।

उन्होंने शाह को लिखे पत्र में कहा, “मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करती हूं कि 13 अगस्त, 2026 को हत्या के प्रयास और इससे पहले चार दिसंबर, 2024 को हुए हत्या के प्रयास की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश दें तथा यह पता लगाने की भी जांच कराएं कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है और क्या इनके पीछे कोई बड़ी साजिश है।

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