आयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सुनवाई दो सप्ताह के लिए टली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 13, 2021   15:02
  • Like
आयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सुनवाई दो सप्ताह के लिए टली

विवादित ढांचा विध्वंस मामले के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाइ दो सप्ताह के लिये टल गई है।यह याचिका अयोध्या निवासी हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाक अहमद की ओर से दाखिल की गई है।

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्‍यायालय की लखनऊ खंडपीठ में अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले के फैसले को चुनौती देने वाली रिवीजन याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिये टाल दी गयी है। याचिकाकर्ताओं ने बुधवार को अदालत से मांग की थी कि उन्हें अपनी याचिका में कुछ कमियों को दूर करने के लिये कुछ और समय चाहिये। यह याचिका न्‍यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी। न्यायमूमर्ति श्रीवास्तव ने रजिस्टरी कार्यालय से मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह से मुलाकात के बाद भाजपा-जजपा गठबंधन में सुलह, हरियाणा सरकार को खतरा नहीं

यह याचिका अयोध्या निवासी हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाक अहमद की ओर से दाखिल की गई है। याचिका मेंविवादित ढांचा विध्वंस मामले के 30 सितम्बर 2020 के सीबीआई अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं - मुरली मनेाहर जोशी , उमा भारती और विनय कटियार - समेत सभी 32 आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के फैसले को गलत एवं तथ्यों के विपरीत बताया गया है। याचिका में कहा गया है कि याचीगण इस मामले में गवाह होने के साथ-साथ विवादित ढांचा विध्वंस की घटना के पीड़ित भी हैं।

इसे भी पढ़ें: युवा सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-एक नरेंद्र के सपनों को पूरा कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि अभियुक्तों को बरी करने के फैसले के विरुद्ध सीबीआई ने आज तक कोई अपील दाखिल नहीं की है लिहाजा याचियों को वर्तमान पुनरीक्षण याचिका दाखिल करनी पड़ी है। याचिका में सभी 32 अभियुक्तों को दोषी करार दिये जाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि 30 सितम्बर 2020 को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, साक्षी महाराज, लल्लू सिंह, बृजभूषण शरण सिंह व महंत नृत्य गोपाल दास समेत सभी जीवित 32 अभियुक्तों को बरी कर दिया था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:29
  • Like
मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू में बुधवार शाम को पैराग्लाइडिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टापू में पैराग्लाइडर ऑपरेटर और एक यात्री पर्यटक की मौत हो गई। मरने वालों में एक कंपनी का कर्मचारी है तो दूसरा पैरा ग्लाइडिंग करने वाली कंपनी के ठेकेदार का भाई है। बताया जा रहा है कि हवा में उड़ता हुआ पैराग्लाइडर 150 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरा। खंडवा कलेक्टर ने इस घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर दुःख जताया है।

इसे भी पढ़ें: कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

दरअसल इन दिनों हनुवंतिया में जल महोत्सव का आयोजन चल रहा है। इसके चलते पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे है। 15 दिसंबर से शुरू हुए इस जल महोत्सव को 15 जनवरी तक चलना था, लेकिन पर्यटको की संख्या को देखते हुए 5 दिन पहले ही जल महोत्सव को एक महीने के लिए बढ़ाया गया था। बुधवार शाम लगभग 5:30 बजे के आसपास टापू पर पैराग्लाइडिंग चल रही थी। बालंचद पुत्र रामप्रताप दांगी (32) निवासी भगौरा जिला राजगढ़ और गजपाल सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह (28) निवासी बूढा मांगलियान जिला पाली, राजस्थान पैरा ग्लाडिंग कर रहे थे। वे दोनों 100 फीट से अधिक ऊंचाई पर थे। इसी दौरान किसी तकनीकी खराबी की वजह से एक पैराग्लाइडर अचानक से नीचे गिरा।

इसे भी पढ़ें: दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

जिससे  पैराग्लाइडर को चलाने वाले पायलट बालचंद डांगी और इवेंट कंपनी के मैनेजर के रिश्तेदार गजराज सिंह राजपूत बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है। इसका ठेकेदार श्रवण सोलंकी है। हादसे में बालचंद और गजपाल सिंह की मौत हुई है। बालचंद सन ड्रेजर्स कंपनी में कर्मचारी है। मृतक गजपाल सिंह कंपनी के ठेकेदार श्रवण सिंह की बुआ का लड़का बताया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: नाबालिग छात्रा को परेशान करने वाले पर पॉस्को एक्ट में कार्यवाही,आरोपी का पुलिस ने निकाला जुलूस

वही घटना को लेकर खंडवा जिले के कलेक्टर अनय द्विवेदी ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और अनुविभागीय मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर के निर्देश के आस-पास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जाएगी। जिला कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से इस हादसे के वीडियो और फुटेज भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि पैराग्लाइडिंग के दौरान बहुत से लोग वीडियो बना रहे थे। घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी एसडीएम पुनासा को दी जा सकती है। इस पूरी घटना पर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुःख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खण्डवा के हनुवंतिया में हुई पैरा मोटरिंग दुर्घटना में दो अमूल्य जिंदगियों के असमय काल कवलित होने के समाचार से बहुत दु:ख पहुंचा है।

 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 21, 2021   11:25
  • Like
टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा।

नयी दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस महामारी से निजात पाने के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और अब खबर सामने आई है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के विधायकों और सांसदों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय के स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा। बता दें कि अभी पहले चरण का टीकाकरण अभियान जारी है। जिसमें 3 करोड़ अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को टीका लगाया जाना है। फिलहाल 7 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को PM मोदी ने दी बधाई, कहा- साथ में काम करने को उत्सुक

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दूसरे चरण में 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जाएगा। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री समेत सभी 50 साल से अधिक उम्र के सांसदों और मुख्यमंत्रियों को कोरोना का टीका दिया जाएगा ताकि देश के समक्ष टीके को लेकर सकारात्मक संदेश जाए।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:15
  • Like
कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता

भोपाल। मुरैना जिले के देवरी में कांग्रेस की इस खाट महापंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कमलनाथ के पास अब कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है तो खाट पर बैठेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में खाट महापंचायत कर केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। इसमें कमलनाथ के अलावा दिग्विजय सिंह, युवा नेता और कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित तमाम नेता मौजूद रहे। 

इसे भी पढ़ें: दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता, उन्हें कोई काम है नहीं उनकी सिर्फ एक टीम बैठी है जो सिर्फ ट्वीट करती है और झूठे सच्चे कुछ भी ट्वीट करें कोई काम तो होना चाहिए इसलिए वह सिर्फ ट्वीट करते रहते हैं।

इसे भी पढ़ें: मंदसौर में चलाई गई गोलिया भूले नहीं है किसान, मोदी और शिवराज को जबाब देगी कांग्रेस पार्टी- जीतू पटवारी

इस दौरान शराब दुकानों को लेकर कमलनाथ के आरोपों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा पहला कदम है माफियाओं को दफन करें और वह अभियान लगातार चल रहा है। अभी कोई फैसला नहीं किया है और ना ही कुछ तय किया है। वह तो कहते रहते हैं कौवा कान ले गया, उन्हें तो यह बात भी नहीं पता कि कौवा है या कान। कुछ भी बोलते रहते हैं, तथ्य आते हैं उन पर बात होती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला मैंने किया था 10 साल तक कोई शराब की दुकान नहीं खुली, कई दुकानें बंद कर दी थी। मैं उस विषय पर अभी कुछ बोलना नहीं चाहता, कई तरह के तथ्य आते हैं उन सब पर विचार करके प्रदेश की जनता के हित में ही कोई फैसला करेंगे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept