मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामले की सुनवाई आगे बढ़ी, एसआईटी ने मांगा हैदराबाद जाने का समय

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 25, 2020   19:28
  • Like
मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामले की सुनवाई आगे बढ़ी, एसआईटी ने मांगा हैदराबाद जाने का समय

सोमवार को एसआईटी को जांच रिपोर्ट और दस्तावेज कोर्ट में पेश करना था, लेकिन उसकी तरफ से बताया गया कि इन्हें लेने हैदराबाद जाना है। इसमें एक सप्ताह का समय लग सकता है। कोर्ट ने एसआईटी के आवेदन को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। कोर्ट अब मामले में तीन दिसंबर को सुनवाई करेगी।

इंदौर। मध्य प्रदेश के हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी की तरफ से कोर्ट को बताया गया है कि हैदराबाद भेजे गए इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच रिपोर्ट लेने के लिए हैदराबाद जाना है। इसमें एक सप्ताह लग सकता है। जांच रिपोर्ट मिलते ही उसे जब्त सामग्री के साथ कोर्ट में पेश कर दिए जाएगा। इसके बाद मामले की सुनवाई 3 दिसंबर तक आगे बढ़ा दी गई है।

इसे भी पढ़ें: एसडीओ ने बिल भुगतान के लिए माँगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथों किया गिरफ्तार

गौरतलब है कि नगर निगम के तत्कालीन सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह ने 17 सितम्बर 2019 को हनी ट्रैप मामले में पलासिया पुलिस थाने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा था कि कुछ महिलाएं उसे अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने के नाम पर ब्लैकमेल कर रही हैं और तीन करोड़ रुपये मांग रही हैं। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से ही आरोपित जेल में हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने मामले में जब्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच के लिए हैदराबाद की फॉरेंसिक लैब भेजे हैं, लेकिन वहां से अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। 

 

इसे भी पढ़ें: नेपानगर में बुजुर्ग मां की बेटे ने पत्थरों से पीटकर की हत्या

मामले के आरोपितों की तरफ से मांग की गई थी कि हैदराबाद से जांच रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जल्दी बुलवाए जाएं ताकि सुनवाई की जा सके। इस पर कोर्ट ने एसआईटी से पूछा था कि हैदराबाद से रिपोर्ट कब तक मिलेगी। पिछली सुनवाई पर एसआईटी ने कोर्ट को बताया था कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्य दो से तीन सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। सोमवार को एसआईटी को जांच रिपोर्ट और दस्तावेज कोर्ट में पेश करना था, लेकिन उसकी तरफ से बताया गया कि इन्हें लेने हैदराबाद जाना है। इसमें एक सप्ताह का समय लग सकता है। कोर्ट ने एसआईटी के आवेदन को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। कोर्ट अब मामले में तीन दिसंबर को सुनवाई करेगी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   21:46
  • Like
भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को मंदसौर और नीमच में ट्रांसपोर्टर द्वारा गेंहू तथा खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का मामला उठा गया। मामला मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया। उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार से सवाल पूछे हुए सरकार को घेरने की कोशिश की हालंकि सहकारिता मंत्री ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

इसे भी पढ़ें: राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की मांग त्रिकटु काढ़े की सीएजी करे जाँच

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया से प्रश्न किया कि 02 दिसम्बर 2020 को मंदसौर-नीमच जिलों में ट्रांसपोर्टर व्यवसायी द्वारा गेहूं ऊपार्जन और खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का प्रकरण विभाग के प्रकाश में आया है। क्या इसमें अनियमितता हुई है? उन्होंने आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है जिसने यह हेराफेरी की है।

 

इसे भी पढ़ें: विश्व कप तलवारबाजी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी मध्य प्रदेश की खुशी दाभाडे़

जिसके जबाब में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव सोसायटी को इस संबंध में सहकारिता आयुक्त ने एफआईआर करने के लिए 15 फरवरी को एक पत्र भेज दिया है। मंत्री भदौरिया ने बताया कि आरोपितों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की भी जानकारी की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर एक जांच दल गठित किया जाएगा। यदि सोसायटी के महाप्रबंधक इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनको हटाकर 3 माह में जांच की जाएगी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की मांग त्रिकटु काढ़े की सीएजी करे जाँच

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   21:11
  • Like
राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की मांग त्रिकटु काढ़े की सीएजी करे जाँच

गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने विधानसभा में आयुर्वेदिक त्रिकटु काढ़े को लेकर सवाल उठाया गया था। जिस पर लिखित जवाब में आयुष राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा कहा गया है कि मध्य प्रदेश में 30 नवंबर 2020 तक 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा जनता में बांटा गया।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोनाकाल के दौरान सरकार द्वारा बांटे गए आयुर्वेदिक काढ़े को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश में 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा बांटे जाने पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच सीएजी से करवाए जाने की मांग की है।

 

इसे भी पढ़ें: विश्व कप तलवारबाजी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी मध्य प्रदेश की खुशी दाभाडे़

दरअसल विवेक तन्खा ने शुक्रवार को ट्वीट कर इतने बड़े खर्च का सीएजी ऑडिट करवाने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा आपदा में भी अवसर। मप्र में 30 करोड़ रुपए का काढ़ा सरकार ने कोरोना काल में वितरित किया। 50 ग्राम के पैकेट्स में। किसको मिला यह शोध का विषय बन गया है। क्या सीएजी का ऑडिट का विषय नहीं हैं। कोविद कार्यकाल को पूरा फ़ायदा उठाया शासन एवं प्रशासन !!

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के किस शहर का नाम होगा भेरूंदा, जाने मुख्यमंत्री ने की है घोषणा

गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने विधानसभा में आयुर्वेदिक त्रिकटु काढ़े को लेकर सवाल उठाया गया था। जिस पर लिखित जवाब में आयुष राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा कहा गया है कि मध्य प्रदेश में 30 नवंबर 2020 तक 30 करोड़ रुपयों का काढ़ा जनता में बांटा गया। अब विवेक तन्खा ने इसके पीछे घोटाले की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी, पुडुचेरी में लगा राष्ट्रपति शासन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   20:57
  • Like
केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी, पुडुचेरी में लगा राष्ट्रपति शासन

इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पर विचार करने और उनसे मिली अन्य सूचनाओं के बाद राष्ट्रपति इस बात को लेकर संतुष्ट थे कि ऐसी स्थिति बन गई है जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 (1963 का 20) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता।

नयी दिल्ली। पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार गिर जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर केंद्रशासित प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की प्रशासक से 22 फरवरी को मिली रिपोर्ट के बाद यह फैसला किया गया। इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पर विचार करने और उनसे मिली अन्य सूचनाओं के बाद राष्ट्रपति इस बात को लेकर संतुष्ट थे कि ऐसी स्थिति बन गई है जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 (1963 का 20) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता।

राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश की सरकार अधिनियम, 1963 (1963 का 20) के विभिन्न प्रावधानों को भी निलंबित कर दिया, इस तरह पुडुचेरी में केंद्रीय शासन लागू हो गया। अधिसूचना में यह भी कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा निलंबित अवस्था में रहेगी। पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व कर रहे वी नारायणसामी ने सोमवार को विस्वास मत से पहले इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के कई विधायकों और द्रमुक के एक विधायक के हाल में इस्तीफा देने के बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept