Himachal Assembly हंगामे के बाद सोमवार तक स्थगित, राष्ट्रगान पर सत्तापक्ष और विपक्ष भिड़े

शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर लगातार दूसरे दिन भारी गतिरोध देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक के चलते विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की बैठक स्थगित कर दी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगातार दूसरे दिन वंदे मातरम् के मुद्दे पर हंगामा हुआ। इस दौरान सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, जो बाद में सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दोहराया कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया।
इस पर नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से शुक्रवार को सदन में राष्ट्रगान गाए जाने का वीडियो चलाने का आग्रह किया, ताकि यह पता चल सके कि भाजपा विधायकों ने वास्तव में राष्ट्रगान का अपमान किया था या नहीं। ठाकुर ने शुक्रवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाए जाने का मुद्दा भी उठाया। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस ने ही देश का निर्माण किया और इसके लिए बलिदान दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सदस्य नाटकबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने अपने हाथ उठा दिए थे, जो राष्ट्रगान का अपमान है।
उन्होंने पिछले साल मानसून के दौरान आई आपदा की एक घटना को याद करते हुए कहा कि सिराज में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के वाहन पर जूते और कपड़े फेंके थे, जिस पर तिरंगा लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह तिरंगे का घोर अपमान था। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
दोनों पक्षों के सदस्य नारे लगाते रहे, जिसके बाद आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। ठाकुर ने कहा कि अगर वीडियो से यह साबित होता है कि किसी भी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया था, तो मुख्यमंत्री को सदन के अंदर और बाहर झूठे आरोप लगाने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असली अपमान कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत का हुआ था।
ठाकुर ने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान वंदे मातरम् को छोटा किया गया था। उन्होंने कहा कि देश का शासन संविधान के अनुसार चलेगा, न कि सीडब्ल्यूसी के एजेंडे के अनुसार। सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की देन हैं और ये किसी खास धर्म या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि देश के हैं।
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि पाकिस्तान भी कांग्रेस की देन है।
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