ओवैसी ने राहुल को दी हैदराबाद और मेदक से चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती, बोले- वायनाड से भी हारोगे चुनाव

ओवैसी ने राहुल को दी हैदराबाद और मेदक से चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती, बोले- वायनाड से भी हारोगे चुनाव
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि मैं कह रहा हूं कि अब आप वायनाड से भी हारेंगे। आओ हैदराबाद से चुनाव लड़ें और अपनी किस्मत आजमाओ। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी को मेदक से भी चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।

नयी दिल्ली। हैदराबाद सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं कह रहा हूं कि राहुल गांधी वायनाड से भी लोकसभा चुनाव हारेंगे। दरअसल, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने अमेठी और वायनाड से चुनाव लड़ा था और उन्हें गांधी परिवार की पारंपरिक सीट अमेठी से करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि राहुल गांधी वायनाड से चुनाव जीत गए थे। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि मैं कह रहा हूं कि अब आप वायनाड से भी हारेंगे। आओ हैदराबाद से चुनाव लड़ें और अपनी किस्मत आजमाओ। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी को मेदक से भी चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।

TRS के साथ गठबंधन नहीं करेगी कांग्रेस

तेलंगाना में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों ने तेलंगाना का दौरा करना शुरू कर दिया है और वहां के लिए रणनीतियां भी तैयार कर रहे हैं। इसी बीच राहुल गांधी ने वारंगल में स्पष्ट किया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के साथ किसी भी तरह का कोई गठबंधन नहीं हो सकता है और कांग्रेस के जो भी नेता टीआरएस के साथ गठबंधन चाहते हैं वे टीआरएस या भाजपा में शामिल हो जाएं तथा अब आगे किसी ने भी केसीआर की पार्टी के साथ समझौते की पैरवी की तो उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। 

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राहुल गांधी ने शुक्रवार को वारंगल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए साफ कर दिया था कि वो टीआरएस, भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी को चुनौती देने के लिए यहां आए हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले वारगंल में पार्टी को पिछले चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। जबकि पिछले चुनाव से पहले कांग्रेस ने 8 बार यहां पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। ऐसे में एक बार फिर से कांग्रेस अपने किले को मजबूत करने की कोशिशों में जुट गई है।





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