IIT Delhi के पीएचडी छात्र की मौत मामले में Supreme Court के निर्देश पर FIR दर्ज

मुनिरका स्थित किराए के मकान में घायल मिलने के बाद अस्पताल में दम तोड़ने वाले आईआईटी दिल्ली के 40 वर्षीय पीएचडी छात्र की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज की। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देश और संस्थान के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत की गई है।
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अगस्त में मुनिरका में अपने किराए के मकान में बेहोश व घायल अवस्था में मिले आईआईटी-दिल्ली के 40 वर्षीय पीएचडी छात्र की मौत के मामले में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत किशनगढ़ थाने में यह प्राथमिकी दर्ज की गई।
अधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के सुरक्षा अधिकारी से मिली शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि छात्र 18 अगस्त को मुनिरका गांव स्थित अपने किराए के मकान में बेहोश और घायल अवस्था में मिला था। अधिकारी ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पड़ोसियों ने तोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गई। पुलिस ने बताया कि तीन अक्टूबर को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह घटना आईआईटी-दिल्ली परिसर के अंदर नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान परिवार के किसी सदस्य या गवाह ने किसी व्यक्ति पर कोई संदेह या आरोप नहीं लगाया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय पीएचडी छात्र घर में अकेला था और परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग से भी इस बात की पुष्टि हुई है। अधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है और कानून के अनुसार विस्तृत कार्रवाई की जाएगी।
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