भोपाल में इज्तिमा का आगाज़ , विश्व के तीसरे सबसे बडे धार्मिक समागम में पाकिस्तान को नो इंट्री

भोपाल में इज्तिमा का आगाज़ , विश्व के तीसरे सबसे बडे धार्मिक समागम में पाकिस्तान को नो इंट्री

22 नवम्बर से 25 नवम्बर तक तीन दिनों में मजहबी तकरीरों के बाद सामूहिक दुआ के साथ इसका समापन होगा। इज्तिमा में शिरकत करने वाले लोगों की तादाद इस बार 10 लाख के आंकड़े को पार कर सकती है। देश के अलावा विदेशों से भी जमातें इस धार्मिक समागम में पहुँच रही है। जिसमें इंडोनेशिया, श्रीलंका, सऊदी अरब, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान यूके, कुवैत, नेपाल, ईरान, इजिप्ट, फिलीपींस, साउथ अफ्रीका, आस्ट्रेलिया और चाइना सहित 54 देशों से जमातें आने की उम्मीद जताई जा रही है।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 72वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आगाज शुक्रवार को नमाजे फज़र मौलाना अलीकदर के बयानों के साथ हो गया। 22 नवम्बर से 25 नवम्बर तक तीन दिनों में मजहबी तकरीरों के बाद सामूहिक दुआ के साथ इसका समापन होगा। इज्तिमा में शिरकत करने वाले लोगों की तादाद इस बार 10 लाख के आंकड़े को पार कर सकती है। देश के अलावा विदेशों से भी जमातें इस धार्मिक समागम में पहुँच रही है। जिसमें इंडोनेशिया, श्रीलंका, सऊदी अरब, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान यूके, कुवैत, नेपाल, ईरान, इजिप्ट, फिलीपींस, साउथ अफ्रीका, आस्ट्रेलिया और चाइना सहित 54 देशों से जमातें आने की उम्मीद जताई जा रही है। जबकि इज्तिमा में शिरकत करने कंबोडिया, श्रीलंका, बियतनाम, इंडोनेशिया, इंग्लैंड, थाईलैंड, रूस सहित एक दर्जन देशों की जमातें भोपाल पहुंच गईं हैं।

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हालंकि भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव के चलते इस बार पाकिस्तानी जमातों की आमद नहीं होगी। इंतजामिया कमेटी व जिला प्रशासन ने विदेशी मेहमानों के इस्तकबाल के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित कई जगहों पर विशेष इंतजाम किए हैं। इज्तिमा में आने वाले लोगों के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर खास कैम्प खिदमत के लिए लगाए गए है। जिसमें जमातियो को निशुल्क चाय और नास्ते के इंतजामात भी किए गए है।

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इस बार इज्तिमा में 10 लाख से अधिक जमातियों के पहुंचने की संभावना के चलते जमातियों के आंकलन के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इज्तिमागाह पर प्रतिदिन पांच वक्त की नमाज के लिए वक्त मुकर्रर कर दिया गया है। इंतजामिया कमेटी के प्रवक्ता अतीकुल इस्लाम का कहना है कि शुक्रवार से शुरू होने वाले इज्तिमा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। अब सिर्फ मेहमानों के आने का इंतजार है। ग्रीन इज्तिमा के मद्देनजर पूरे स्टाल्स को प्लास्टिक मुक्त रखा गया है। अगर कोई प्लास्टिक इस्तेमाल करते पाया गया तो उसे फौरन जब्त कर लिया जाएगा। इज्तिमा के आगाज के साथ ही आज जुमे के दिन करीब 500 निकाह भी पढ़े गए।

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भोपाल में आयोजित होने वाला इज्तिमा दुनियां का तीसरा बड़ा धार्मिक समागम है। भोपाल के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी इज्तिमा का आयोजन किया जाता है। भोपाल इज्तिमा में इस बार 40 देशों से जमातें आ रही हैं। वहीं पहली बार वियतनाम के जायरीन भी इज्तिमा शिरकत करेंगे। लिहाजा इनके लिए थाईलैंड की जमात के कुछ जायरीनों से ट्रांसलेट करने के लिए कहा गया है। इस बार इज्तिमा में होने वाली तकरीरों को 7 से 8 देशों की भाषाओं में ट्रांसलेट कर बोला जाएगा। जबकि अलग से ट्रांसलेटर भी उपलब्ध रहेंगे जो तकरीरों का अपनी भाषाओं में ट्रांसलेशन कर उनके देशों की जमातों को सुनाएंगे। इज्तिमा में ट्रांसलेट हुईं तकरीरों को हैडफोन के जरिए भी सुना जा सकेगा।

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गुरुवार को कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और भोपाल के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह भी इज्तिमा स्थल की तैयारियों का जायजा लिय़ा था। इज्तिमा में सुरक्षा को लेकर करीब 4 हजार जवानों को ड्यूटी में तैनात किया गया है। कलेक्टर भोपाल तरुण पिथोड़े व डीआईजी इरदशाह वली सहित नगर निगम भोपाल आयुक्त विजय दत्ता भी लगातार इज्तिमा स्थल का निरीक्षण करते रहे है। यहां लाइट, पानी, टायलेट, पार्किंग स्थल सहित अन्य सुविधाओं को जांचा और रास्तों में पड़ने वाली पार्किंग और लाइट व्यवस्था को पूरी तरह से चालू कर परीक्षण करने के निर्देश भी दिए है। इज्तिमा की शुरुआत पहली बार 1938 में भोपाल में हुई थी उस समय भोपाल में नवाबी शासन हुआ करता था।

 





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