संकट के समय विदेशों से भारतीयों को निकालने में भारत का रहा है शानदार रिकॉर्ड, अफगानी जमीं पर भी ऑपरेशन जारी

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार सत्ता संभाली थी और सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था। उस दौर में सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारतीयों की वतन वापसी में पैसा आड़े हाथ नहीं आना चाहिए।
नयी दिल्ली। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हाहाकार मचा हुआ है। भारत सरकार अपने लोगों को वहां से निकालने के लिए आपातकालीन ऑपरेशन चला रही है। इसके अलावा सरकार पड़ोसी होने का धर्म भी निभा रही है। ऐसे में हम बात करेंगे केंद्र की मोदी सरकार द्वारा चलाए गए उन ऑपरेशनों की जिसके जरिए विदेशी जमीं पर संकट में फंसे भारतीयों की घर वापसी हुई।
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इराक से 130 भारतीयों की वतन वापसी
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ऑपरेशन संकटमोचन
साल 2016 में मोदी सरकार ने ऑपरेशन संकटमोचन चलाकर सूडान में फंसे भारतीयों को बाहर निकाला था। इस ऑपरेशन का श्रेय तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह को जाता है। दक्षिण सूडान में फंसे 600 नागरिकों को निकालने के लिए वीके सिंह खुद भारतीय दल के साथ पहुंचे थे। इस दौरान C-17 विमान के माध्यम से ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।आपातकालीन ऑपरेशन जारीअफगानिस्तान से भारतीयों को निकालने के लिए मोदी सरकार ने आपातकालीन ऑपरेशन चलाया है। इसके जरिए मंगलवार को काबुल से 120 भारतीयों को लेकर वायुसेना का सी-17 विमान गुजरात के जामनगर में लैंड हुआ। अभी भी सरकार अपने लोगों को निकालने के लिए अथॉरिटी से बात कर रही है।इसके अलावा भारत सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान सबसे बड़ा वंदे भारत अभियान चलाया था लेकिन हम महामारी के दौरान वतन वापसी करने वाले भारतीयों की बात नहीं कर रहे हैं।अन्य न्यूज़














