Indore से Pankaj Gupta गिरफ्तार, APK files बनाकर कराई 150 करोड़ रुपये की ठगी

मुंबई अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश के इंदौर से 36 वर्षीय पंकज गुप्ता को साइबर ठगों की मदद करने के आरोप में पकड़ा है। आरोपी ने बिहार और झारखंड के गिरोहों को 2,805 दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉयड पैकेज किट उपलब्ध कराई थीं। इन फाइलों के जरिए 9,600 से अधिक लोगों को निशाना बनाकर करीब 150 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से बाल-बाल बचा 36 वर्षीय एक ग्राफिक डिजाइनर बाद में ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाला ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने लगा जिसकी मदद से साइबर ठगों ने 9,600 से अधिक लोगों से 150 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले पंकज गुप्ता को मुंबई अपराध शाखा के संपत्ति प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया है।
उस पर बिहार और झारखंड से संचालित साइबर अपराधियों के गिरोह को ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाला 2,805 एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) फाइल बनाकर उपलब्ध कराने का आरोप है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, पांच साल पहले गुप्ता खुद डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी का शिकार होते-होते बचा था। इससे दूर रहने के बजाय उसने इसमें कमाई का अवसर देखा और ठगों से संपर्क कर उन्हें विशेष रूप से तैयार एपीके फाइल उपलब्ध कराने की पेशकश की।
ये फाइल लक्षित स्मार्टफोन पर नियंत्रण हासिल करने के लिए डिजिटल रिमोट कंट्रोल की तरह काम करती हैं। मामला तब सामने आया जब मुंबई के भायखला इलाके के एक वरिष्ठ नागरिक ने 13 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। अधिकारी ने बताया, पीड़ित को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक राष्ट्रीयकृत बैंक का प्रतिनिधि बताया और वरिष्ठ नागरिक कार्ड योजना में सहायता देने की पेशकश की।
संदेश के जरिये भेजे गए एपीके लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से पांच लाख 62 हजार रुपये धोखाधड़ी से निकाल लिए गए। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुंबई अपराध शाखा इंदौर में गुप्ता के ठिकाने तक पहुंची। गुप्ता द्वारा तैयार किए गए सॉफ्टवेयर की मदद से पीड़ितों से कुल मिलाकर करीब 150 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का पता चला।
अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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