रामपुर में दिखेगी दिलचस्प चुनावी जंग, नवाब परिवार और आजम खान के बीच पुरानी आदावत, बीजेपी को सपा विरोधी मतों पर आस

इस बार के विधानसभा चुनाव में रामपुर सीट से मैदान में हैं। जबकि उनके मुकाबले में नवाब काजिस खां उर्फ नावेज अली को कांग्रेस पार्टी ने खड़ा किया है। बीजेपी की तरफ से आजम के धुर विरोधी आकाश सक्सेना मैदान में हैं।
रामपुर में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है। रामपुर मुस्लिम बहुल और यूपी का हाईप्रोफाइल सीट माना जाता है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और बड़े मुस्लिम चेहरे आजम खान की वजह से भी चर्चा में है। वैसे तो 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद इस सीट पर आजम खान ने अपनी पत्नी को लड़ाकर विधानसभा पहुंचाया था। लेकिन एक बार फिर से वो इस बार के विधानसभा चुनाव में रामपुर सीट से मैदान में हैं। जबकि उनके मुकाबले में नवाब काजिस खां उर्फ नावेज अली को कांग्रेस पार्टी ने खड़ा किया है। बीजेपी की तरफ से आजम के धुर विरोधी आकाश सक्सेना मैदान में हैं। बता दें कि पहली बार चुनाव लड़ रहे आकाश ही वो शख्स हैं जिन्होंने आजम खान के परिवार पर मुकदमें दर्ज करवाए हैं। बसपा ने इस सीट से सदाकत हुसैन को प्रत्याशी बनाया है।
नवाब परिवार और आजम खान के बीच पुरानी आदावत
रामपुर में सपा सांसद और सीतापुर जेल में बंद आजम खां और नवाब खानदान यानी नूर महल के बीच सियासी अदावत लंबे वक्त से है। नवाब खानदान से मिक्की मियां और बेगम नूर बानो सांसद रहै हैं, उनके बेटे नवाब काजिम अली उर्फ नवेद मियां विधायक और मंत्री रहे हैं। इसी के साथ आजम खान अपने परिवार से खुद सांसद, 9 बार रामपुर से विधायक, कई बार मंत्री रहे।
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रामपुर का समीकरण
मुस्लिम बहुल इलाका होने की वजह से विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं का खासा प्रभाव है। इस सीट पर हिन्दू मतदाताओं की संख्या काफी कम है। हालांकि परिसीमन में बदलाव होने के बाद हिन्दू मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
2017 विधानसभा का परिणाम
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट | वोट% |
| आजम खान | सपा | 102100 | 47.47% |
| शिव बहादुर सक्सेना | भाजपा | 55258 | 25.69% |
| डॉ तनवीर अहमद खान | बसपा | 54248 | 25.22% |
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