Ranchi में JPSC आंदोलन, Neha Bora पर फेंकी गई स्याही; बोलीं- आंसू गैस और पेलेट से नहीं डरे, इससे भी नहीं डरेंगे

रांची में छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। उन्होंने इस घटना को आरएसएस-भाजपा से जोड़ते हुए कहा कि वे आंसू गैस और पेलेट से नहीं डरे, तो स्याही से भी नहीं डरेंगे, और पारदर्शिता के लिए संघर्ष जारी रहेगा। यह घटना जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक व धांधली के विरोध में हुए मार्च का हिस्सा थी, जिसके आरोपी ने बोरा को उमर खालिद समर्थक बताते हुए 'देश-विरोधी' करार दिया।
शुक्रवार को रांची में झारखंड विधानसभा की ओर हो रहे विरोध मार्च के दौरान, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। यह मार्च, 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों का हिस्सा था।
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इस घटना के बाद स्याही से सनी अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए बोरा ने आरोप लगाया कि रांची में विरोध प्रदर्शन के दौरान RSS-BJP के गुंडों ने उन पर और लगभग 20 अन्य महिलाओं पर यह लिक्विड फेंका था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके लिए स्याही दूसरों को शर्मिंदा करने का एक ज़रिया है, लेकिन हम स्याही से ही भविष्य लिखेंगे!" उन्होंने आगे कहा, "मैं गर्व के साथ इस स्याही को पहने हुए हूँ।
उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, हमारे खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया; जब हम तब नहीं डरे, तो यह मामूली स्याही हमारा क्या बिगाड़ सकती है? उन्होंने कहा कि झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। जब भी पेपर लीक होता है, तो इसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हमारी मांग है कि सिस्टम में शामिल और गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाए... हम 10 तारीख को छात्रों द्वारा की गई अपील का समर्थन करेंगे और छात्रों के भविष्य के लिए खड़े रहेंगे।
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स्याही फेंकने के आरोपी व्यक्ति को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जब उसे ले जाया जा रहा था, तो उसने पत्रकारों से कहा कि मुझे नेहा बोरा पसंद नहीं है क्योंकि वह उमर खालिद का समर्थन करती हैं। मुझे किसी चीज़ की परवाह नहीं है। मैंने उन पर स्याही फेंकी। वे सभी देश-विरोधी हैं। बोरा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में हो रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। पिछले महीने छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठी थीं, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
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