Ranchi में JPSC प्रदर्शनकारियों को Junaid Malik बांट रहे भोजन, दिल्ली के बाद पहुंचे झारखंड

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर सेवा देने वाले गाजियाबाद निवासी मोहम्मद जुनैद मलिक अब रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत अभ्यर्थियों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र दो सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार तथा स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े हैं।

(संजय कुमार डे) रांची, सात अगस्त दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को मुफ्त भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने वाले एक व्यक्ति ने झारखंड पहुंचकर राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। गाजियाबाद निवासी मोहम्मद जुनैद मलिक ने झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराए जाने की भी मांग कर रहे हैं।

वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में स्वयंसेवक के रूप में काम कर चुके 30 वर्षीय जुनैद ने कहा, ‘‘हमने नाश्ते की व्यवस्था की है और यहां प्रदर्शनकारियों को अच्छा भोजन तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। यह सामूहिक प्रयास है।

यह केवल जुनैद का काम नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली से हमारी पूरी टीम यहां है और आज कुछ अन्य लोगों के भी हमारे साथ जुड़ने की उम्मीद है। हम शाम को शाकाहारी बिरयानी परोसेंगे।’’ जुनैद ने कहा कि स्वयंसेवक ‘‘छात्रों को न्याय मिलने तक उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उनमें से हर एक का समर्थन करते हैं और उनके साथ बने रहेंगे।’’ जुनैद ने हेमंत सोरेन सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी मांगों का समाधान करने की भी अपील की। जुनैद ने कहा, ‘‘बारिश हो रही है और प्रदर्शन स्थल पर पानी जमा हो गया है।

इससे मच्छर पनपने और बीमारियां फैलने का खतरा है। यह इन छात्रों के लिए पढ़ाई पर ध्यान देने का महत्वपूर्ण समय है। उन्हें अपना यह कीमती समय यहां बिताने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है?’’ झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा और छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कठोर रास्ता अपनाना पड़ा। दो महिलाओं समेत पांच प्रदर्शनकारी मंगलवार रात झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल में शामिल हो गए थे। महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के यह कहने के बाद कि उनकी सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने गतिरोध दूर करने के लिए सरकार से वार्ता के वास्ते बृहस्पतिवार को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया। हालांकि, गतिरोध बरकरार है। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर चर्चा करने और मुद्दों का समाधान निकालने के लिए राज्य सरकार की ओर से उन्हें कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।

जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को शुरू हुआ यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में राज्य में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बन गया है।

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