ज्योति के साहस को इवांका ट्रंप ने सराहा, बीमार पिता को साइकिल पर बैठा कर किया 1200 KM तक हौसले का सफर

ज्योति के साहस को इवांका ट्रंप ने सराहा, बीमार पिता को साइकिल पर बैठा कर किया 1200 KM तक हौसले का सफर

दरभंगा की 15 साल की ज्योति जनवरी में अपने बीमार पिता की सेवा के लिए गुड़गांव गई थी। फिर लॉकडाउन हो गया और वह गुड़गांव में ही फंस गई। इसी बीच प्रधानमंत्री राहत कोष से एक हजार रुपये खाते में आए। ज्येाति ने कुछ और पैसे मिलाकर पुरानी साइकिल खरीदी और पिता को उस पर बिठाकर गांव लाने की ठानी।

अमेरिकी राष्ट्रपति और सलाहकार इवांका ट्रंप बिहार की इस बेटी के हौसलों की मुरीद हो गईं। लॉकडाउन में दरभंगा की रहने वाली 15 वर्षीय ज्योति ने अपने घायल पिता को साइकिल पर बैठा कर गुरुग्राम, हरियाणा से 7 दिनों में दरभंगा तक 1200 किलोमीटर का सफर ​तय किया। ज्योति के इस साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है। 

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इवांका ने सराहा

इवांका ट्रम्प ने ज्योति के हौसले को सराहा है उसकी संघर्षपूर्ण कहानी को उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किया है।

सात दिन में गुड़गांव से पहुंची दरभंगा

दरभंगा की 15 साल की ज्योति जनवरी में अपने बीमार पिता की सेवा के लिए गुड़गांव गई थी। इसी बीच मार्च में लॉकडाउन हो गया और वह गुड़गांव में ही फंस गई। इसी बीच प्रधानमंत्री राहत कोष से एक हजार रुपये खाते में आए। ज्येाति ने कुछ और पैसे मिलाकर पुरानी साइकिल खरीदी और पिता को उस पर बिठाकर गांव लाने की ठानी। एक हफ्ते की कड़ी मेहनत के बाद साइकिल चलाकर पिता को लेकर गुड़गांव से दरभंगा के सिरहुल्ली पहुंच गई।

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क्या कहा ज्योति ने

साइकिलिंग फेडरेशन की तरफ से बुलाने पर ज्योति ने कहा कि मुझे साइकिल में रेस लगाने के लिए फोन आया, मैंने कहा कि मैं अभी तो रेस नहीं लगा सकती हूं क्योंकि मेरे पैर और हाथ सब दर्द कर रहे हैं। उन्होंने एक महीने बाद ट्रायल के लिए आने को कहा है।





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