कर्नाटक ने केरल के साथ लगी सीमाएं फिर बंद कीं, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   15:05
कर्नाटक ने केरल के साथ लगी सीमाएं फिर बंद कीं, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर कर्नाटक सरकार द्वारा केरल से आने-जाने वाले यात्रियों पर सख्ती बढ़ाने के साथ मंगलुरु और दक्षिण कन्नड़ के विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाले लोगों की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गयी हैं।

कासरगोड (केरल)। कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर कर्नाटक सरकार द्वारा केरल से आने-जाने वाले यात्रियों पर सख्ती बढ़ाने के साथ मंगलुरु और दक्षिण कन्नड़ के विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाले लोगों की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गयी हैं। राष्ट्रीय राजामार्ग समेत कई सड़कों को सील किए जाने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी गयीं। कोविड-19 संक्रमण नहीं होने का प्रमाणपत्र रखने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की नयी सम्भावनाओं को उड़ान देगा 2021-22 बजट : योगी आदित्यनाथ

सूत्रों ने बताया कि चार सड़कों को छोड़कर दक्षिण कन्नड़ प्रशासन ने सभी सीमाओं को बंद कर दिया है। सीमा पर तैनात कर्नाटक के अधिकारियों के मुताबिक जो लोग राज्य में दाखिल होना चाहते हैं उन्हें यात्रा से 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर जांच का प्रमाणपत्र दिखाना होगा।

इसे भी पढ़ें: चीन की अमेरिका से अपील, कहा- CPC को न करे बदनाम और अलगाववादी ताकतों का समर्थन बंद करे

मंगलुरु तालुक में तलापडी, बंटवाल में सराडका, पुत्तुर तालुक में नेतानिगे-मुदनुरु और सुल्लिया के जलसूर में सीमाओं पर तैनात स्वास्थ्य और पुलिसकर्मी प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के बाद लोगों को कर्नाटक में प्रवेश की अनुमति दे रहे हैं। केरल के उत्तरी भाग में स्थित कासरगोड और आसपास के लोग दशकों से उपचार के लिए कर्नाटक के मंगलुरु जाते रहे हैं। कासरगोड के विभिन्न इलाकों से मंगलुरु की दूरी 10 से 50 किलोमीटर पड़ती है वहीं निकटवर्ती बड़ा अस्पताल कन्नूर में है जो कि 100 किलोमीटर दूर है। लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में कर्नाटक के अधिकारियों द्वारा लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के कारण कासरगोड के लोगों को काफी दिक्कतें हुई थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...