Kerala में BTech Student की संदिग्ध मौत, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

केरल के कोठामंगलम में एमए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के 20 वर्षीय छात्र मिची मारपु का शव उनके किराए के कमरे में मिला है। पुलिस को कमरे से तीन पन्नों का पत्र मिला है, जिसमें कम अंक आने से वर्ष खराब होने के डर का उल्लेख है। घटना के बाद छात्र विरोध को देखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने मामले की आधिकारिक जांच कराने का आश्वासन दिया है।
केरल में कोठामंगलम में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले अरुणाचल प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र का शव रविवार को उसके किराए के कमरे में मिला। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने संवाददाताओं से कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के नाहरलागुन निवासी मिची मारपु के रूप में हुई है। वह कोठामंगलम के ‘एमए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ में बीटेक के तीसरे वर्ष का छात्र था। अधिकारियों ने बताया कि मारपु शनिवार शाम कोठामंगलम के निकट कोझिप्पिल्ली स्थित किराए के उस मकान में फर्श पर पड़ा मिला, जहां वह अपने कॉलेज के सहपाठियों के साथ रहता था।
उसकी गर्दन में रस्सी बंधी हुई थी। उन्होंने कहा कि मारपु को कोठामंगलम तालुक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को संदेह है कि मारपु ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया , लेकिन रस्सी टूट गई और वह फर्श पर गिर गया।
इसने बताया कि उसके कमरे से अंग्रेजी और हिंदी में लिखा तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, कुछ विषयों में कम अंक आने के बाद वर्ष खराब होने के डर से मारपु ने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उसकी मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
घटना के संबंध में कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि कॉलेज में न्यूनतम ‘क्रेडिट’ की आवश्यकता राज्य के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में अधिक है। कॉलेज में ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और केरल छात्र संघ (केएसयू) के नेताओं ने संवाददाताओं को बताया कि ‘एमए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ स्वायत्त व्यवस्था के तहत संचालित होता है और उसने न्यूनतम क्रेडिट की आवश्यकता 22 निर्धारित की है, जबकि केरल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में यह 18 ‘क्रेडिट’ है।
उन्होंने कहा कि केटीयू द्वारा ईयर-बैक सिस्टम को बंद किए जाने के बाद भी, एमए कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में इसे अब भी लागू किया जा रहा है। मूवाट्टुपुझा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के. आर. मनोज ने बताया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्रबंधन के साथ बातचीत की। छात्र प्रतिनिधियों ने संवाददाताओं को बताया कि प्रबंधन ने ईयर-बैक (साल दोहराने की) व्यवस्था को स्थगित करने, पूरक परीक्षाएं आयोजित करने और पूरक परीक्षा शुल्क को कम करने सहित उनकी मांगों पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की है।
वहीं, कॉलेज के प्राचार्य बोस मैथ्यू जोस ने संवाददाताओं से कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जाएगा और आगे के आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों के कोठामंगलम पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। कोठामंगलम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस बीच, मंत्री जॉन ने छात्र की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आश्वासन दिया कि मामले की उचित जांच की जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसी भी स्थिति में, किसी छात्र का इस तरह आत्महत्या करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी उचित जांच की जाएगी।
विभाग के स्तर पर मैं विश्वविद्यालय से संपर्क करूंगा और मामले की जांच कराने के लिए आधिकारिक तौर पर अनुरोध करूंगा।’’ जॉन ने कहा कि उन्होंने जिला पुलिस प्रमुख से पहले ही संपर्क कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृतक छात्र के परिवार के सदस्य आज पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी तथा पुलिस मामले की गहन जांच करेगी।’’ उन्होंने कहा कि वर्ष दोहराने (ईयर-बैक) की व्यवस्था से प्रभावित होने के बाद छात्र को कथित तौर पर छात्रावास से निकाल दिया गया था और उसे परिसर के बाहर पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में रहना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट के अनुसार, इसी कॉलेज के करीब 20 छात्र ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं। इसका इन छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है।’’ जॉन ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होने पर कॉलेजों को युवा छात्रों के मामले में अधिक संवेदनशीलता और सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसे छात्र हैं तो कॉलेजों को उनका परामर्श कराना चाहिए, उनके माता-पिता से संपर्क करना चाहिए, परिवार को स्थिति से अवगत कराना चाहिए और छात्रों को ऐसी दुखद परिस्थितियों में जाने से रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।’’ जॉन ने कहा कि ईयर-बैक व्यवस्था 2024 में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान केरल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (केटीयू) के तत्कालीन बोर्ड ऑफ स्टडीज के फैसले के बाद लागू की गई थी।
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