Kerala Government की 'Jyothi Scheme', प्रवासी बच्चों को Education System से जोड़ने की बड़ी पहल

pinarayi vijayan
ANI

केरल सरकार द्वारा 'ज्योति योजना' की शुरूआत की गई है। यह योजना प्रवासी बच्चों को राज्य की शिक्षा प्रणाली और आंगनवाड़ियों में शामिल करने का एक व्यापक अभियान है। यह योजना उन प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की उपेक्षा को दूर करने की कोशिश करती है।

केरल सरकार द्वारा 'ज्योति योजना' की शुरूआत की गई है। यह योजना प्रवासी बच्चों को राज्य की शिक्षा प्रणाली और आंगनवाड़ियों में शामिल करने का एक व्यापक अभियान है। सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल का मुख्य फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा में समावेशन और कल्याण पर है। यह योजना उन प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की उपेक्षा को दूर करने की कोशिश करती है। जोकि बार-बार जगह बदलने और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की कमी की वजह से औपचारिक शिक्षा प्रणाली से अक्सर बाहर रह जाते हैं।

महत्वपूर्ण कदम

मई 2025 में 'ज्योति योजना' केरल सरकार द्वारा प्रवासी बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित करने के लिए शुरू किए गए जनसंपर्क अभियान के दौरान लॉन्च की गई थी। केरल सरकार के चौथे स्थापना वर्ष के मौके पर यह शुरू की गई है। यह पहल शिक्षा के जरिए से प्रवासी समुदायों को सामाजिक मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीति कदम है।

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मुख्य उद्देश्य

केरल की औपचारिक शिक्षा प्रणाली में प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शामिल करना है।

समावेशी विकास को बढ़ावा देना, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, स्कूली शिक्षा और कल्याण योजनाओं तक अपनी पहुंच को शामिल करना है।

मौसमी प्रवास के बाद भी शिक्षा की निरंतरता को सुनिश्चित करना है।

मुख्य विशेषताएं

बता दें कि 3 से 6 साल की आयु के बच्चों को आंगनवाड़ियों में नामांकित किया जाएगा।

वहीं 6 साल और उससे ज्यादा आयु के बच्चों को सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिया जाएगा।

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