• केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को पर्यटन, रोजगार और व्यापार के दृष्टिकोण से भी उपयोगी बनाया जाय

उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किये जाने वाले इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन वृक्षों का रोपण किया जायेगा तथा रामायणकालीन कथाओं का चित्रण करने वाली व तत्कालीन ऋषिओं, मुनियों की झांकियों व तत्समय की घटनाओं का सुन्दर व मनोहारी चित्रण किया जायेगा।

उ0प्र0 के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को पर्यटन, रोजगार और व्यापार के दृष्टिकोण से भी बहुत उपयोगी बनाया जायेगा। परिक्रमा मार्ग ऐतिहासिक मार्ग बनेगा, यह मार्ग 227-बी नेशनल हाईवे के नाम से जाना जायेगा। 275 किमी0 लम्बे इस मार्ग का संरेखण 45 मी0 चौड़ा होगा तथा यह मार्ग 04 लेन का बनेगा। मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक, पौराणिक व पर्यटन के स्थलों की झांकी दर्शायी जायेगी। मार्ग के आस-पास पड़ने वाले पौराणिक व धार्मिक स्थलों को लिंक मार्ग से जोड़ा जायेगा। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले सभी 5 जिलों में जिलास्तर से एक-एक नोडल अधिकारी बनाया जायेगा। मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये जगह-जगह हाल्ट भी बनाये जायेंगे। श्री मौर्य आज 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को नये स्वरूप में धरातल पर उतारने के लिये लोक निर्माण विभाग मुख्यालय स्थित कमाण्ड सेन्टर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अयोध्या, अम्बेडकरनगर, गोण्डा, बाराबंकी व बस्ती के सांसदों, विधायकों व जिलाधिकारियों से सुझाव भी लिये गये तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का विभाग द्वारा प्रेजेन्टेशन भी किया गया।

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उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किये जाने वाले इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन वृक्षों का रोपण किया जायेगा तथा रामायणकालीन कथाओं का चित्रण करने वाली व तत्कालीन ऋषिओं, मुनियों की झांकियों व तत्समय की घटनाओं का सुन्दर व मनोहारी चित्रण किया जायेगा, साथ-ही-साथ इसे रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से भी उपयोगी बनाया जायेगा। उन्होने निर्देश दिये कि जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मार्ग के किनारे कोई अतिक्रमण न किया जाय। इस मार्ग के किनारे काफी जगह आरक्षित रखी जायेगी, जिसे भविष्य में और डेवलप किया जा सकेगा। संरेखण, भूमि अधिग्रहण व अन्य आवश्यक कार्यों के बाबत उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पांचों जिलों में एक-एक योग्य व क्षमतावान अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाय।

उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुये, सभी औपचारिक कार्यवाही शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित की जाय। उन्होने कहा इसका सर्वे ड्रोन के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीकी से कराकर एलाइन्मेन्ट इस माह के अन्त तक जरूर करा लिया जाय तथा जो भी कन्सल्टेन्ट व अधिकारी जांय, तो वहां पर सम्बन्घित क्षेत्र के जनप्रतिधियों को जरूर बुलाया जाय। उन्होने यह निर्देश दिये कि इस मार्ग का निर्माण शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना है। जमीन अधिग्रहण व मुआवजा आदि वितरण की कार्यवाही तीव्र गति से कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। अक्टूबर माह में इसके शिलान्यास कराये जाने की तैयारी की जाय।

श्री मौर्य ने कहा कि उच्चस्तर के अधिकारी इसकी लगातार मॉनीटरिंग करें तथा पूरे मनोभाव से इसे अमलीजामा पहनाने के लिये कार्य करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग की भी प्रभावी व ठोस रणनीति बनाकर कार्य सुनिश्चित किया जाय। इस परिक्रमा मार्ग पर 05 जिलों की 112 ग्राम सभाएं आयेंगी। 84 कोसी परिक्रमा बस्ती जिले के मखौड़ा ग्राम से शुरूआत होती है। यहां पर भी ठहरने आदि की व्यवस्था के लिये सुविधाजनक विकास किया जायेगा। इस मार्ग पर भगवान राम की जीवन लीला से सम्बन्धित झांकियों को आकर्षक ढ़ग से पर्यटन व धार्मिक दृष्टिकोण से दर्शाया जायेगा। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये इस मार्ग के सभी पैकेज की शुरूआत एक-साथ करायी जाय। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बन जाने से जहां देश, विदेश के पर्यटकों भी श्रद्धा और विश्वास के साथ परिक्रमा कर सकेंगे, वहीं अयोध्या और उसके आस-पास एवं परिक्रमा मार्ग के निकट के स्थलों का बहुमुखी विकास होगा तथा व्यापार व रोजगार के नये साधन बनेंगे और अयोध्या का पुरातन गौरव भी बढ़ेगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री, राज्यमंत्री श्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, अयोध्या के सांसद श्री लल्लू सिंह, बस्ती के सांसद श्री हरीश द्विवेदी, विधायक प्रतीक भूषण सिंह, प्रमुख सचिव लो0नि0वि0 श्री नितिन रमेश गोकर्ण, सचिव लोक निर्माण विभाग श्री समीर वर्मा, जिलाधिकारी बस्ती श्रीमती सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी अयोध्या श्री अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी बाराबंकी डॉ0 आदर्श सिंह सहित अन्य अधिकारियों व विधायकों/जनप्रतिनिधियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक में विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग श्री गिरिजेश त्यागी, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष श्री राकेश सक्सेना, प्रमुख अभियन्ता श्री मनोज गुप्ता, मुख्य अभियन्ता (रा0मा0) श्री अशोक कनौजिया, मुख्य अभियन्ता श्री संजय श्रीवास्तव, विशेष कार्याधिकारी श्री प्रदीप कुमार सहित लोक निर्माण विभाग के अन्य अभियन्ता व अधिकारी प्रमुख रूप से माजूद रहे।

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राशनकार्ड लाभार्थियों के डाटाबेस में आधार फीडिंग एवं वेलिडेशन व सीडिंग

प्रदेश में वास्तविक राशनकार्ड लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने हेतु समस्त राशनकार्डों में प्रत्येक सदस्य की आधार सीडिंग का कार्य कराया जा रहा है। प्रदेश में 3,60,02,426 राशनकार्ड प्रचलित हैं तथा उनसे सम्बद्ध यूनिट की संख्या 14,85,92,233 है। जुलाई, 2021 तक प्रदेश स्तर पर राशनकार्ड डाटाबेस में उनके आधार फीडिंग के उपरान्त यू0आई0डी0ए0आई0 के माध्यम से आधार वेलिडेशन/सीडिंग का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में मुखिया स्तर पर 98.41 प्रतिशत तथा समस्त सदस्य स्तर पर 99.01 व्यक्तियों का आधार वेलिडेशन/सीडिंग का कार्य किया जा चुका है।

उ0प्र0 व्यापारी कल्याण बोर्ड व्यापारियों/उद्यमियों का करेगा हर स्तर पर सहायता

उ0प्र0 व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में उद्यमियों/व्यापारियों की जनसेवा के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में राज्य सरकार की तरफ से व्यापारी कल्याण बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले व मण्डल स्तर पर व्यापारियों को सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सर्वाधिक करदाता व्यापारियों/उद्यमियों को तथा मण्डल स्तर/जोन स्तर पर 10 सर्वाधिक करदाताओं को राज्य सरकार की तरफ से उ0प्र0 व्यापारी कल्याण बोर्ड सम्मानित करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के माल की चेकिंग में पुलिस का हस्तक्षेप समाप्त किये जाने के लिए डी0जी0पी0 से नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु कहा गया है। उपाध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक जिले में एक अपर पुलिस अधीक्षक और एक अपर जिला अधिकारी स्तर का अधिकारी व्यापारियों एवं उद्यमियों की किसी भी प्रकार की समस्या, शोषण, उत्पीड़न की दशा में तत्काल कार्यवाही हेतु नामित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याण बोर्ड द्वारा व्यापारी पेंशन योजना लागू करने पर विचार किया जा रहा है। जिले स्तर पर जिलधिकारी एवं मण्डल स्तर पर मण्डलयुक्त व्यापारियों/उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण कर रहे है। मनीष गुप्ता ने कहा कि जी0एस0टी0 की नई व्यवस्था में विवेक के आधार पर कोई भी निर्णय लिये जाने का कोई भी प्राविधान नही है। ऐसी परिस्थिति में पुराने मामलों में ऐसा किया जाना उचित नही है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा अनेकों बार अपने भाषण एवं घोषणाओं में भी यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि विवेक के आधार पर निर्णय लिए जाने के अधिकार की आड़ में व्यापारियों एवं उद्यमियों का शोषण किये जाने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यापारी जिनकी आय 2.50 लाख के लगभग हैं, जिसमें सबसे छोटे व्यापारी, फेरी वाले, मोची, नाई इत्यादि आते हैं, उनको भी आयुष्मान योजना के अन्तर्गत चिकित्सा सुविधा दिये जाने का निर्णय व्यापारी कल्याण बोर्ड द्वारा लिया गया है। फेरीनीति के अनुसार रजिस्टर्ड प्रत्येक व्यवसायी को रोजगार दिये जाने के लिए सरकार कटिबद्ध है।

पशुपालन निदेशालय के विभिन्न भवनों के सुदृढ़ीकरण हेतु दो करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने निदेशालय, पशुपालन विभाग, उ0प्र0 में स्थित विभिन्न भवनों के सुदृढ़ीकरण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष दो करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। पशुपालन विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के माध्यम से निदेशालय, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय निर्माण संबंधी संगत शासनादेशों में निहित व्यवस्थानुसार/निर्धारित मानकों के अधीन किया जायेगा।

योजनान्तर्गत अब तक 5406 कस्टम हायरिंग सेन्टर एवं 2566 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की गयी

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण एवं क्रॉप रेज्ड्यू मैनेजमेंट योजनान्तर्गत अब तक कुल 164511 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण तथा 5406 कस्टम हायरिंग सेन्टर एवं 2566 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी जा चुकी है। कृषि विभाग से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार एन0एफ0एस0एम0, आर0के0वी0वाई0, एन.एम.ओ.ओ.पी. एवं एस0एम0ए0एम0 योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत अब तक 30523 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण एवं 1715 कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना करायी जा चुकी है। वर्ष 2019-20 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 161454 उन्नत कृषि यंत्र वितरण लक्ष्य के सापेक्ष विभिन्न योजनाओं में कुल 34496 कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। वर्ष 2018-19 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 32870 कृषि यंत्रों का वितरण किया गया तथा 12 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं 138 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी गयी। वर्ष 2017-18 में कुल 39417 उन्नत कृषि यंत्र कृषकों को अनुदान पर वितरित किये गये, 47 कस्टम हायरिंग सेंटर तथा 517 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी गयी। इसी प्रकार प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मेनेजमेण्ट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजनान्तर्गत वर्ष 2020-21 में अब तक 8695 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण एवं 1652 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी गयी है। वर्ष 2019-20 में 2104 कृषि यंत्रों का वितरण तथा 1391 कस्टम हायरिंग सेण्टर एवं 259 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी गयी, जबकि वर्ष 2017-18 में 16406 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण तथा 2300 कस्टम हायरिंग की स्थापना करायी गयी।

प्रदेश में गरीबों कमजोरों, महिलाओं, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध हो रही है कड़ी वैधानिक कार्यवाही

जमीन का विवाद सदियों से जगजाहिर रहा है। एक देश दूसरे देश को जीतता था तो उस देश की पूरी भूमि का हक विजेता देश की हो जाती थी। जमीन ऐसी सम्पदा रही जो व्यक्तियों के लिए खाने के लिए अन्न, पशुओं को चारा आदि भौतिक वस्तुओं का उत्पादन करती रही, साथ ही जमीन के मालिकाना हक से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्पन्नता आंकी जाती थी। भूमि की महत्ता हर काल में रही है। आज भी भूमि की बड़ी महत्ता है। वह भूमि चाहे खेती, बागवानी या आवासीय हो, सभी जमीन की सामाजिक आर्थिक महत्ता है। समाज में हर तरह के लोग रहते हैं। गरीब, मध्यवर्ग, अमीर वर्ग और अच्छे बुरे लोग भी हैं। प्रदेश में कई दबंग, गुण्डे आदि लोगों ने गरीबों, कमजोर वर्गों, ग्राम समाज व सरकारी शहरी जमीनों पर अवैध कब्जा कर अपना हक बना लिया था। हजारो एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर लोग मालामाल हो रहे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गरीबांे कमजोरों और ग्राम पंचायत, शहरी जमीनों, सार्वजनिक सम्पत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध पूरे प्रदेश में एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन करते हुए एण्टी भू-माफिया अभियान चलाया। प्रदेश में सार्वजनिक सम्पत्तियों पर हुये अवैध कब्जों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कराये जाने हेतु 1 मई, 2017 द्वारा चार स्तरीय-राज्य, मण्डल, जनपद एवं तहसील स्तरीय एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रदेश में अवैध कब्जे से सम्बन्धित शिकायतों को आनलाइन दर्ज किये जाने एवं कृत कार्यवाही का प्रभावी अनुश्रवण किये जाने हेतु एण्टी भू-माफिया पोर्टल का विकास किया गया है, जिसमें दर्ज शिकायतों पर सम्यक कार्यवाही करते हुए वैधानिक कार्यवाही की गई है। प्रदेश में एण्टी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित कुल 302555 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 300961 शिकायतें निस्तारित की गयी तथा 1594 शिकायतें निस्तारण हेतु प्रक्रियाधीन हैं। प्रदेश में चलाये गये एण्टी भू-माफिया अभियान के अन्तर्गत कुल 62423.89 हे0 क्षेत्रफल अवैध अतिक्रमण से अवमुक्त कराया गया है। प्रदेश में चलाये गये इस अभियान के अन्तर्गत 22992 राजस्व वाद, 857 सिविल वाद व 4407 एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गयी है। 2464 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है, वर्तमान में 187 भू-माफिया जेल में निरूद्ध हैं। 879 अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत, 240 के विरूद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत, 04 के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत, 68 के विरूद्ध गैगस्टर एक्ट के अन्तर्गत, 304 के विरूद्ध गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत तथा 2805 के विरूद्ध अन्य धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा भू-माफियों के विरूद्ध चलाये गये इस अभियान से वास्तविक मालिकाना हक वाले गरीबों, कमजोरांे, महिलाओं सहित आम जनता बहुत प्रसन्न है। भू-माफियाओं के विरूद्ध की गई कड़ी वैधानिक कार्यवाही से पीड़ित सहित समाज के लोग सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं।

अमर शहीदों को नमन कर रहा‘‘ आजादी का अमृत महोत्सव‘‘

हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ इस आजादी को पाने के लिए न जाने कितनी माताओं के लाल देश पर बलिदान हो गए इस आजादी का स्वाद तो हम बाखूबी चख रहे हैं लेकिन हजारों दर्द सहने वाले क्रान्तिवीरों को याद करना और उनको सम्मान देना हमारा परम कर्तव्य है शायद इसीलिए संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 51 क (ख) में स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोये रखने और उनका पालन करने के मूलकर्तव्य को शामिल किया। अब जबकि आजादी को 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है इस वर्षगांठ को और अधिक ओजस्विता प्रदान करने के लिए ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ देश भर के साथ पूरी दुनिया में बसे भारतीयों को आपस में जोड़ते हुए मनाया जा रहा है। हालांकि आजादी का अमृत महोत्सव का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद से दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ पर किया था। और इस उत्सव को 75 सप्ताह तक मनाने का संकल्प रखा गया था। इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश भी बढ़चढ़कर हिस्सेदारी कर रहा है। पूरे प्रदेश में दिनांक 09 अगस्त 2021 से दिनांक 16 अगस्त 2021 तक आजादी का अमृत महोत्सव  मनाया जा रहा है, 09 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में काकोरी शहीद स्मारक लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राज्यपाल श्री मती आनन्दीबेन पटेल द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ के अवसर पर शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रभात फेरी, रैली प्रतियोगिता आदि शामिल है। ‘मेेरा मान मेरा राष्ट्रगान कार्यक्रम के अन्तर्गत समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रगान का गायन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है साथ ही मेरा गांव मेरी धरोहर कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम गजेटियर तैयार कराया जा रहा है। बुजुर्गों की बात देश के साथ कार्यक्रम युवाओं एवं बच्चों को वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों से परिचित करा रहा है। वहीं हमारा तिरंगा हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम राष्ट्रध्वज की गरिमा से परिचित करा रहा है। रोडम्यूजियम के माध्यम से शहीदों की शौर्यगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है कार्यक्रमों को सुचारू रूप से आयोजित कराने के लिए प्रदेशभर में जिलेवार रणनीति बनायी गयी है जिस के तहत जिलेस्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर उन्हें भिन्न-भिन्न जिम्मेदारियां प्रदान की गयी है। कोरोना महामारी के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थलों पर कोविड हेल्प डेस्क व सैनिटाईजेशन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की भावी पीढ़ी तक स्वतंत्रता आन्दोलन की हर एक बात पहुंचाने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति आजादी के आन्दोलन से परिचित हो सके ‘‘ आजादी का अमृत महोत्सव‘‘ आजादी की ऊर्जा का अमृत समाहित किए हुए है यह महोत्सव स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेने, नए संकल्पों और राष्ट्र के पुनर्जागरण का उत्सव है।

इस महोत्सव में आयोजित होने वाले कार्यक्रम जनभागीदारी की भावना में वृद्धि के साथ-साथ प्रदेशवासियों में गर्व और एकता की भावना को प्रेरित करेंगे। जिन शहीदों ने हमें आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया हमारा भी उनके प्रति यह कर्तव्य है कि इस महोत्सव में बढ़चढ़कर हिस्सा लें और उन्हें याद करें। सही कहा गया है कि-

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले‘,

वतन पे मर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा।