CM Revanth Reddy के भाई को 200 Crore की जमीन सिर्फ 7 Crore में? KTR के आरोपों से मचा हड़कंप

रामा राव ने आरोप लगाया कि कोंडल रेड्डी 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' नाम की कंपनी से जुड़े हैं। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी पेड-अप कैपिटल 1 लाख रुपये है और इसमें एक भी कर्मचारी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार ने लगभग 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली ज़मीन ऐसी कंपनी को 7 करोड़ रुपये में क्यों आवंटित की।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी से जुड़ी एक कंपनी को 200 करोड़ रुपये की ज़मीन सिर्फ़ 7 करोड़ रुपये में "गिफ्ट" कर दी। उन्होंने इस कथित लेन-देन को लेकर सरकार से सवाल भी किए। रामा राव ने आरोप लगाया कि कोंडल रेड्डी 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' नाम की कंपनी से जुड़े हैं। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी पेड-अप कैपिटल 1 लाख रुपये है और इसमें एक भी कर्मचारी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार ने लगभग 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली ज़मीन ऐसी कंपनी को 7 करोड़ रुपये में क्यों आवंटित की।
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KTR ने कहा रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी ने 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' नाम की कंपनी बनाई, जिसकी पेड-अप कैपिटल 1 लाख रुपये है। सालाना रिपोर्ट के अनुसार, इसमें एक भी कर्मचारी नहीं है। रेवंत रेड्डी सरकार ने उस कंपनी को 200 करोड़ रुपये की ज़मीन 7 करोड़ रुपये में गिफ्ट कर दी। BRS नेता ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के भाई और कंपनी के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि कोंडल रेड्डी ने खुद को टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स का चेयरमैन बताया था और अमेरिकी कॉन्सल जनरल के साथ बैठकों में हिस्सा भी लिया था।
उन्होंने कहा एक तरफ तो आप कहते हैं कि उनके भाई का इस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है, और दूसरी तरफ वे अपनी लिंक्डइन प्रोफ़ाइल पर लिखते हैं कि वे इस कंपनी के चेयरमैन हैं। सच सामने आना चाहिए। हम रेवंत रेड्डी जी से सच बताने के लिए कहना चाहते हैं।
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रामा राव ने सवाल उठाया कि क्या कम पेड-अप कैपिटल वाली दूसरी स्टार्टअप कंपनियों को भी इसी तरह के फ़ायदे दिए जाएंगे और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के परिवार के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा अगर कल कोई और स्टार्टअप 1 लाख रुपये की इक्विटी के साथ कंपनी बनाता है, तो क्या आप उन्हें बिना किसी तय प्रक्रिया का पालन किए 200-300 करोड़ रुपये की ज़मीन दे देंगे? या फिर आपके भाइयों के लिए अलग कानून और नियम हैं? आपको इसका जवाब देना होगा।
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