किसान आंदोलन के समर्थन में वाम दलों ने राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा ज्ञापन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   13:38
किसान आंदोलन के समर्थन में वाम दलों ने राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा ज्ञापन

वाम दलों के के एक प्रतिनिधिमंडल ने किसानों द्वारा किये जा रहे आंदोलन के समर्थन और उन पर किये जा रहे अत्याचारों के खिलाफ शनिवार को राजभवन जाकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा।

लखनऊ। वामपंथी दलों-मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले), अखिल भारतीय फारवर्ड ब्लॉक के राज्य स्तरीय नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने किसानों द्वारा किये जा रहे आंदोलन के समर्थन और उन पर किये जा रहे अत्याचारों के खिलाफ शनिवार को राजभवन जाकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा। माकपा के राज्‍य सचिव डॉक्‍टर हीरालाल यादव ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्‍ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि कृषि क़ानूनों के खिलाफ दिल्ली आ रहे किसानों के साथ पुलिस प्रशासन जो रवैया अख्तियार कर रहा है, वह बेहद चिंताजनक, अमानवीय अनुचित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। 

इसे भी पढ़ें: राम गोविंद चौधरी बोले, खेती बचाओ संघर्ष में किसानों के साथ खड़े हों छात्र और युवा

ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में जनता की समस्याओं पर शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन पर रोक लगायी जा रही है, यहां तक कि पर्चे बांटने पर भी पुलिस गिरफ्तार कर रही है, इस मामले में हम आपका हस्तक्षेप जरूरी समझते हैं। प्रतिनिधि मंडल में माकपा के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव, राज्य सचिव मण्डल सदस्य कामरेड प्रेमनाथ राय, भाकपा के राज्य परिषद सदस्य फूलचंद, अखिल भारतीय फारवर्ड ब्लाक के राज्य स्तरीय नेता उदयनाथ सिंह, भाकपा (माले) के रमेश सिंह सेंगर शामिल थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।