बिजली सब्सिडी मामले में LG ने दिए जांच के आदेश, केजरीवाल बोले- बीजेपी फ्री बिजली रोकना चाहती है

Kejriwal
ANI
अंकित सिंह । Oct 4 2022 4:33PM

केजरीवाल ने आगे कहा कि आपने हर चीज़ पे इतना टैक्स लगा दिया। इतनी ज़्यादा महंगाई कर दी। लोगों का खून चूस रहे हो। ऐसे में अगर मैं अपने लोगों की बिजली फ्री करके उन्हें थोड़ी राहत देता हूँ तो वो भी आपसे बर्दाश्त नहीं होता? वो भी आप रोकना चाहते हो? ये मैं किसी हालत में नहीं होने दूँगा।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने डीबीटी के माध्यम से बिजली सब्सिडी के भुगतान का क्रियान्वयन कथित रूप से नहीं होने की जांच करने के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। इसके बाद से इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात को “आप” की फ्री बिजली गारंटी खूब पसंद आ रही है। इसलिए बीजेपी दिल्ली में फ्री बिजली रोकना चाहती है। दिल्ली के लोगों, भरोसा रखना। मैं आपकी फ्री बिजली किसी हालत में रुकने नहीं दूँगा। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात के लोगों से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि सरकार बनने पर 1 मार्च से आपकी भी बिजली फ्री होगी। 

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केजरीवाल ने आगे कहा कि आपने हर चीज़ पे इतना टैक्स लगा दिया। इतनी ज़्यादा महंगाई कर दी। लोगों का खून चूस रहे हो। ऐसे में अगर मैं अपने लोगों की बिजली फ्री करके उन्हें थोड़ी राहत देता हूँ तो वो भी आपसे बर्दाश्त नहीं होता? वो भी आप रोकना चाहते हो? ये मैं किसी हालत में नहीं होने दूँगा। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली गुजरात हारने का डर न जाने इनसे और कितनी फर्जी जाँच करवाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जनता को फ्री बिजली न मिले इसके लिए भी जाँच की साजिश पर उतर आए। अब जनता को दी जा रही फ्री बिजली मे भी अनियमितता है? पिछली सारी जाँचो के नतीजे कहा है?

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भाजपा का आरोप

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने साफ तौर पर कहा है कि दिल्ली में डिस्कॉम में हुआ बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में विद्युत वितरण कंपनियों की प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार के तथ्य सामने आए हैं। इसमें चार से पांच बिंदु ऐसे हैं जिससे जानने के बाद कोई भी व्यक्ति कह सकता है कि इसमें व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि विद्युत वितरण प्राइवेट कंपनियों के बकाए को, केजरीवाल सरकार की प्रारंभिक बैठकों में ही तकरीबन 32 सौ करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी को माफ कर दिया गया। प्रश्न ये उठता है कि यह क्यों किया गया? उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि दिल्ली के नागरिकों को बिजली में जो छूट देने की बात कही गई, वो ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ क्यों नहीं की गई?केंद्र सरकार की तरह डायरेक्ट बेनिफिट के द्वारा क्यों नहीं दी गई, बिचौलिये को क्यों लाया गया? 

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