• सीमित संख्या में पर्यटक घूम सकेंगे शिमला, मंदिरों के खुलने का समय भी बदला

शिमला के रिज और माल रोड में केवल सीमित संख्या में पर्यटकों और लोगों को प्रवेश करने की अनुमति मंदिरों के खुलने का समय भी बदला। पर्यटकों की बढती भीड कोरोना प्रोटोकाल टूटने का अंदेशा।

शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री से लेकर राज्य सरकार की ओर से दी जा रही लगातार चेतावनियों के बावजूद बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों का आना कम नहीं हो पा रहा है शिमला धर्मशाला व मनाली की तरह धार्मिक शहरों में भी बढती भीड कोरोना नियमों को तोडती नजर आ रही है जिससे चिंता का महौल है चूंकि अभी भी खतरा टला नहीं है व तीसरी लहर के आने की लगातार चेतावनी दी जा रही है। हालात इस कदर पेचीदा होते जा रहे हैं कि शिमला के रिज इलाके में प्रशासन को पर्यटकों पर आने जाने की बंदिश लगानी पडी है तो दूसरी ओर प्रदेश के मंदिरों को चार बजे खोलने का फैसला लिया गया है पहले मंदिर छह बजे खुलते थे । लेकिन भीड को नियंत्रित करने के लिये ऐसा करना पडा है।

बाहर के राज्यों से लगातार पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से लगातार लोगों से एहतियात बरतने और टूरिस्ट क्षेत्रों तथा बाजारों में भीड़ नहीं लगाने एवं कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में बाजारों और हिल स्टेशनों पर बिना मास्क लगाए घूमती भीड़ को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, लगातार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है । बड़ी संख्या में सैलानी देर शाम तक शिमला पहुंचत रहे हैं। लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर बाद 2 बजे पैक हो गई जिसके बाद एंट्री गेट पर नो पार्किंग को बोर्ड लगा दिया गया। सर्कुलर रोड को मालरोड से जोड़ने वाली पर्यटन विकास निगम की लिफ्ट से भी रात तक करीब 8000 सैलानी मालरोड पहुंचे।

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प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थल चायल, कसौली और डलहौजी के होटल फिर पैक हो गए हैं। राजधानी शिमला के होटलों में आक्यूपेंसी 70 फीसदी से अधिक पहुंच गई है। यही हाल धर्मशाला व दूसरे नगरों का है इसी तरह प्रदेश के धार्मिक स्थलों में भी बडी तादाद में लोग दर्शनों को आ रहे हैं जिससे कोरोना नियमों के टूटने का खतरा पैदा होने लगा है। 

 

शिमला के रिज इलाके में बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। जिससे प्रशासन को यहां आने वालों पर कुछ प्रतिबंध लगाने पडे हैं लोगों की बढ़ती भीड़ के बीच शिमला के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि शिमला के रिज और माल रोड में केवल सीमित संख्या में पर्यटकों और लोगों को प्रवेश करने की अनुमति होगी। केवल सीनियर सिटीजन्स को ही बेंच पर बैठने की इजाजत होगी। अगर यहां बड़ी संख्या में लोग हुए तो उनसे भीड़ से बाहर निकलने का अनुरोध किया जाएगा। लेकिन किसी भी बात का यहां आने वालों पर कोई असर होता नहीं दिखाई दे रहा।

 

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इसी तरह सामाजिक दूरी की अनुपालना को मंदिरों में दर्शन के लिए समय में बदलाव किया गया है कांगड़ा जिला के शक्तिपीठों एवं अन्य मंदिरों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के दृष्टिगत श्रद्वालुओं के लिए मंदिरों में दर्शनों के लिए समयावधि को बढ़ा दिया गया है। अब मंदिर दर्शनों के लिए सुबह चार बजे खुलेंगे तथा रात को दस बजे बंद होंगे।

इस बाबत उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत आदेश भी जारी कर दिए हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि मंदिरों में दर्शन के लिए सामाजिक दूरी अत्यंत जरूरी है तथा इसी के चलते समयावधि को बढ़ाया गया है ताकि मंदिरों में श्रद्वालुओं को भीड़ एकत्रित नहीं हो। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही निर्देश दिए गए हैं तथा इस के लिए सेनिटाइजर से लेकर मास्क भी उपलब्ध करवाए गए हैं ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह से दिक्कत नहीं हो। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन को कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कहा था कि पहाड़ी इलाकों में, मार्केट में बिना मास्क पहने, बिना प्रोटोकॉल पर अमल किए बिना भारी भीड़ का उमड़ना चिंता का विषय है। यह ठीक नहीं है। कोरोना लहर को आने से कैसे रोका जाए इस पर ध्यान देना जरूरी है। वायरस अपने आप नहीं आता। कोई जाकर ले आए तो आता है। कोरोना प्रोटोकॉल के पालन पर हमें कंप्रोमाइज नहीं करना है। एक्सपर्ट भी बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि असावधानी, लापरवाही और भीड़भाड़ ऐसे कारणों से कोरोना संक्रमण में भारी उछाल आ सकता है।