इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, शादीशुदा होकर भी Live-In-Relationship में रहना अपराध

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 20, 2021   13:18
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इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, शादीशुदा होकर भी Live-In-Relationship में रहना अपराध

कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे मामलों में अदालत संरक्षण नहीं देगा। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी व न्यायमूर्ति डॉ वाईके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने हाथरस जिले के निवासी आशा देवी और अरविंद की याचिका को खारिज करते हुए दिया।

शादीशुदा होने के बावजूद क्या आप लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं या नहीं, इसको लेकर लगातार चर्चा होती रहती है। इसी मुद्दे से जुड़े एक सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शादीशुदा होते हुए किसी गैर पुरुष या महिला के साथ रहना लिव इन रिलेशन में रहना अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे मामलों में अदालत संरक्षण नहीं देगा। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी व न्यायमूर्ति डॉ वाईके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने हाथरस जिले के निवासी आशा देवी और अरविंद की याचिका को खारिज करते हुए दिया।

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दरअसल आशा देवी का विवाह महेश चंद्र के साथ हुआ था। दोनों के बीच तलाक नहीं हुआ है। लेकिन याची अपने पति से अलग किसी दूसरे पुरुष के साथ पति-पत्नी की तरह रहती हैं। जो पुरुष किसी विवाहित महिला के साथ लिव-इन में रह रहा है वह भारतीय दंड संहिता के 494 और 495 के तहत दोषी करार दिया जा सकता है। धर्म परिवर्तन कर शादीशुदा के साथ पर रहना भी अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ऐसा करने वाले लोगों को संरक्षण नहीं देगी। अगर ऐसा किया जाता है तो यह अपराध को संरक्षण देना होगा। 





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मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा, आदिवासी विधायक ने बताया जान का खतरा

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   23:21
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मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा, आदिवासी विधायक ने बताया जान का खतरा

इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधायक हो या पूर्व विधायक, सभी नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी सरकार की है। वे सभी की सुरक्षा की गारंटी लेते हैं

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन का कार्यवाही हंगामेदार रही। इस दौरान कांग्रेस से आदिवासी विधायक कलावती भूरिया ने पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी जान का खतरा बताया, तो वहीं चिटफंड कंपनियों के अवैध कारोबार के मामले में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।

 

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मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने के पहले जोबट विधानसक्षा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया ने सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने सदन में कहा कि अलीराजपुर से पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान मेरी हत्या करा देंगे। मुझे धमकियां दी जा रही हैं। नाक-कान काटने की धमकी दी गई। इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधायक हो या पूर्व विधायक, सभी नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी सरकार की है। वे सभी की सुरक्षा की गारंटी लेते हैं और महिला विधायक की सुरक्षा के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

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इसके तत्काल बाद पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि महिला और आदिवासी विधायक की सुरक्षा का सवाल है। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि यह सत्ता पक्ष और विपक्ष का मामला नहीं है। एक आदिवासी क्षेत्र की विधायक की सुरक्षा का मामला है। यदि कलावती भूरिया के साथ अनहोनी होती है तो पूरी सदन को शर्मसार होना पड़ेगा, इसलिए मामले को सरकार गंभीरता से लें। वहीं, कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि एक महिला विधायक को जान से मारने की धमकी मिल रही है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। उन्होंने पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग रखी।

 

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इस पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गिरफ्तार नहीं कर सकते। यह लोकल राजनीति का मामला है। सदस्य की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। सदस्यों के हंगामे के बीच गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जिस मामले का जिक्र किया है, उसमें कोई अपराध दर्ज नहीं हुआ है। पूर्व विधायक ने प्रेस के जरिए कुछ बातें कही थीं और उसका जवाब भी प्रेस के माध्यम से दे दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मामले को शांत कराते हुए विधायक की सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ा दी।

 

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इसके बाद सदन में चिटफंड कंपनियों के अवैध कारोबार का मामला उठा। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामले को उठाते हुए आरोप लगाया कि ग्वालियर चंबल संभाग में कई फर्जी कंपनियां कारोबार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जीवन सुलभ नाम की फर्जी कंपनी 53 लाख रुपये लेकर फरार हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कंपनियां हर साल पासबुक बदलकर फर्जीवाड़ा कर रही हैं। इसमें को-ऑपरेटिव सोसायटी की सांठगांठ भी सामने आ रही है। ऐसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी जांच करें और मामला ईओडब्ल्यू को सौंपा जाए। इस पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इसे लेकर गाइडलाइन बनाई जा रही है, ताकि ऐसी कंपनियों का रिकॉर्ड पोर्टल में दर्ज किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एंटी माफिया अभियान चल रहा है, जिसमें सरकार चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर रही है।





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मध्य प्रदेश विधानसभा में उठा ग्वालियर में अवैध रेत खनन का मामला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   23:02
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मध्य प्रदेश विधानसभा में उठा ग्वालियर में अवैध रेत खनन का मामला

कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने ग्वालियर के लोहानी गांव में अवैध खदान का मामला सदन में उठाते हुए कहा कि रेत माफिया द्वारा किये जा रहे अवैध रेत उत्खनन के संबंध में कलेक्टर से उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसका क्या कारण है।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने ग्वालियर के लोहानी गांव में अवैध खदान का मामला सदन में उठाया। इस पर विभाग के मंत्री ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

 

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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने ग्वालियर के लोहानी गांव में अवैध खदान का मामला सदन में उठाते हुए कहा कि रेत माफिया द्वारा किये जा रहे अवैध रेत उत्खनन के संबंध में कलेक्टर से उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसका क्या कारण है। कलेक्टर को 15 बार फोन पर दी बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं की गई।

 

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इसके जवाब में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभी तक जो कार्रवाई की गई है उसमें 8 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और 4 पोकलेन जब्त की गई है। इस पर लाखन सिंह यादव ने कहा कि वसई में स्वीकृत रेत खदान में रेत नहीं है। उसकी आड़ में आसपास के गांव से रेत निकाली जा रही है। इसको लेकर मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।





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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री करेंगे 100 दीनदयाल रसोई केन्द्रों का शुभारंभ, जरूरतमंद लोगों को मिलेगा सस्ता खाना

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 25, 2021   22:36
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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री करेंगे 100 दीनदयाल रसोई केन्द्रों का शुभारंभ, जरूरतमंद लोगों को मिलेगा सस्ता खाना

मुख्यमंत्री चौहान रसोई योजना की सतत निगरानी के लिए बनाये गये पोर्टल का भी लोकार्पण करेंगे। पोर्टल में प्रतिदिन लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या, रसोई केन्दों का विवरण, ऑनलाइन रसोई केन्द्रों और नगरीय निकायों को दान देने की सुविधा जन-सामान्य के लिये की गई है।

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार, 26 फरवरी को दोपहर 3 बजे राजधानी भोपाल स्थित मिंटो हाल में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के द्वितीय चरण में सुदृढ़ीकृत एवं नवीन 100 रसोई केन्द्रों का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान इंदौर, उज्जैन, मुरैना, धार और छतरपुर जिले के रसोई केन्द्रों पर उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। यह जानकारी गुरुवार को जनसंपर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने दी। 

 

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उन्‍होंने बताया कि यह रसोई केन्द्र 52 जिला मुख्यालय और 6 धार्मिक नगर मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, ओरछा और चित्रकूट में संचालित होंगे। कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह और नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण क्षेत्रीय टी.व्ही. न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर भी किया जायेगा।

 

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मुख्यमंत्री चौहान रसोई योजना की सतत निगरानी के लिए बनाये गये पोर्टल का भी लोकार्पण करेंगे। पोर्टल में प्रतिदिन लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या, रसोई केन्दों का विवरण, ऑनलाइन रसोई केन्द्रों और नगरीय निकायों को दान देने की सुविधा जन-सामान्य के लिये की गई है। इस पोर्टल में एक डैशबोर्ड भी है, जिससे योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ विभिन्न केन्दों में योजना के क्रियान्वयन की बेहतर समीक्षा हो सकेगी। योजना के सभी 99 रसोई केन्द्रों को google map पर भी टैग किया गया है। इससे रसोई केन्द्रों को आम नागरिक आसानी से ढूँढ सकेंगे।

 

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प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि योजना का मुख्य उददेश्य ''किसी जरूरत मंद की थाली-नहीं रहेगी खाली'' है। रसोई केन्द्र में सोमवार से शनिवार तक 10 रूपये प्रति थाली भोजन दिया जायगा। भोजन वितरण सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक किया जायेगा। रसोई केन्द्र की स्थापना बस स्टेण्ड़, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल के पास की गयी है। योजना से शहर के गरीब लोगों के साथ ही गाँवों से मजदूरी के लिए शहर आने वाले लोग भी लाभान्वित होंगे। दीनदयाल रसोई थाली में रोटी, मौसमी सब्जी, दाल एवं चावल दिया जायेगा।

 

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नवीन योजना में रसोई केन्द्रों की स्थापना के लिए 13 करोड़ 36 लाख रूपये एक-मुश्त सहायता और 15 करोड़ 84 लाख रूपये का आवर्ती व्यय का बजट स्वीकृत किया गया है। पहली बार राज्य शासन द्वारा 5 रूपये प्रति व्यक्ति के मान से अनुदान स्वीकृत किया गया है। दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के रूप में संस्थागत व्यवस्था के उपलब्ध होने से कोविड काल में गरीब शहरी नागरिकों, अप्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। महामारी के दौरान ये रसोई केन्द्र अत्यंत सार्थक सिद्ध हुए। प्रथम चरण के आरम्भ से अब-तक एक करोड़ 42 लाख थाली भोजन कराया जा चुका है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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