इन देशों की यात्रा करके भारत आये लोगों के लिए एसओपी जारी, नये कोरोना के खतरे की आशंका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 23, 2020   09:14
इन देशों की यात्रा करके भारत आये लोगों के लिए एसओपी जारी, नये कोरोना के खतरे की आशंका

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर महाराष्ट्र सरकार ने यूरोप, पश्चिम एशिया और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।

मुंबई। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर महाराष्ट्र सरकार ने यूरोप, पश्चिम एशिया और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी परिपत्र के अनुसार, ‘‘हवाईअड्डे के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया जाए कि उक्त जगहों से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कोरोना वायरस के नये प्रकार के कैरियर के रूप में देखा जाए और उनसे उसी हिसाब से निपटा जाए।’’

इसे भी पढ़ें: बिहार CM नीतिश कुमार ने कहा- रोजगार के लिए युवाओं को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत

परिपत्र में कहा गया है कि इन देशों से आने वाले सभी यात्रियों को 14 दिन के सशुल्क संस्थागत पृथक-वास में रहना अनिवार्य है। इन जगहों से आने वाले किसी भी यात्री को गृहपृथक-वास की अनुमति नहीं होगी। कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सरल तरीके से क्रिसमस का त्योहार मनाएं।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर: किसानों ने यूपी गेट के पास NH9 के सभी 14 लेनों को किया जाम

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, क्रिसमस के अवसर पर चर्च में अधिकतम 50 लोगों की उपस्थिति में प्रार्थना सभा की जाए। अन्य नियमों के अलावा पुणे सहित महाराष्ट्र के अनेक क्षेत्रों में 22 दिसंबर से पांच जनवरी तक रात्रिकालीन कर्फ्यू (रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक) लगाया गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।