Maharashtra SIR: मतदाता सूची संशोधन के लिए आए 6.24 लाख फॉर्म, Pune जिला सबसे आगे

महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद 31 अगस्त से चार अक्टूबर तक 6.24 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। इनमें नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के छह लाख से ज्यादा आवेदन शामिल हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
मुंबई, छह अक्टूबर महाराष्ट्र में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद राज्य के सभी 36 जिलों से नए मतदाताओं के पंजीकरण, आपत्तियों और संशोधनों के लिए छह लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें सबसे अधिक 56,605 आवेदन पुणे जिले से मिले हैं। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 31 अगस्त को किया गया था।
राज्य के कुल 9,78,54,049 मतदाताओं में से 7,71,65,562 मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया था, जबकि 2,06,88,487 मतदाताओं (21.14 प्रतिशत) को एएसडीडीओ (अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/दोहराव/अन्य) श्रेणी में रखा गया था। जो लोग सूची में शामिल होने से वंचित रह गए, उन्हें फिर से नाम दर्ज कराने की सुविधा देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के जिलावार आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त से चार अक्टूबर के बीच कुल 6,24,054 फॉर्म प्राप्त हुए।
इनमें से 6,05,097 आवेदन फॉर्म-6 (नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए), 11,251 आवेदन फॉर्म-सात (मतदाता सूची में किसी का नाम शामिल करने पर आपत्ति या नाम हटाने के अनुरोध के लिए) और 7,706 आवेदन फॉर्म-आठ (मतदाता कार्ड में सुधार या बदलाव के लिए) शामिल हैं। पुणे 56,605 आवेदन के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ठाणे से 46,373, मुंबई उपनगरीय से 38,094, नासिक से 32,691 और जलगांव से 28,397 फॉर्म प्राप्त हुए।
इसके अलावा नागपुर से 16,009, मुंबई शहर से 13,858 और पालघर से 14,448 आवेदन प्राप्त हुए। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे कम 2,394 आवेदन सिंधुदुर्ग जिले से मिले। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि को बढ़ाकर 12 अक्टूबर तक कर दिया गया है।
वहीं, प्राप्त नोटिसों, दावों और आपत्तियों का निपटारा 12 नवंबर तक किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर को होना तय हुआ है। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को व्हॉट्सएप पर दस्तावेज स्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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