Adani Power और DGPC भूटान में लगाएंगे 770 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना

अदाणी पावर ने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी डीजीपीसी के साथ चामखारछू-1 जलविद्युत परियोजना के विकास के लिए शेयरधारक समझौता किया है। यह संयंत्र झेमगांग जिले में बीओटी मॉडल पर 49:51 हिस्सेदारी के साथ बनेगा। इसका निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने की संभावना है।
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर अदाणी पावर ने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (डीजीपीसी) लिमिटेड के साथ भूटान में 770 मेगावाट की चामखारछू-1 जलविद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए समझौता किया है। बयान के अनुसार, अदाणी पावर और भूटान की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी डीजीपीसी ने परियोजना स्थापित करने के लिए शेयरधारक समझौते (एसएचए) पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना दोनों साझेदारों के बीच दूसरी बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
इससे पहले सितंबर 2025 में 570 मेगावाट की वांगछू जलविद्युत परियोजना के लिए समझौता हुआ था। यह परियोजना मई 2025 में अदाणी समूह और डीजीपीसी के बीच 5,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का भी हिस्सा है। समझौते पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंछेन दाशो शेरिंग तोबगे और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
यह परियोजना केंद्रीय भूटान के झेमगांग जिले में चामखारछू नदी पर स्थित है। यह नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर आधारित परियोजना होगी। इसे बीओटी (बनाओ-चलाओ और सौंप दो) मॉडल के तहत अदाणी पावर और डीजीपीसी की 49:51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली साझेदारी के जरिये विकसित किया जाएगा।
वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने की तारीख से इसकी रियायत अवधि 30 साल होगी। इस परियोजना से भूटान की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग बढ़ेगा। निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है और जमीन पर काम शुरू होने के छह साल के भीतर परियोजना को चालू करने का लक्ष्य है।
अदाणी पावर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, ‘‘दक्षिण एशिया में ऊर्जा बदलाव को तेज करने में जलविद्युत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और साझा टिकाऊपन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही, गर्मियों के महीनों में अतिरिक्त हरित बिजली को भारत निर्यात करने में भी मदद मिलेगी जिससे दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभ पैदा होगा।’’ डीजीपीसी के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, ‘‘770 मेगावाट की चामखारछू-1 जलविद्युत परियोजना भूटान की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में योगदान देगी, खासकर सर्दियों के महीनों में...।
इसके साथ ही भारत को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल और निर्यात के अवसर सृजित होंगे।
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