अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में मेक इन इंडिया के तहत क्या हुआ ?

अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में मेक इन इंडिया के तहत क्या हुआ ?

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस महीने जम्मू में पीर खो से महामाया मंदिर तक सेक्शन I रोपवे का उद्घाटन किया। यह रोपवे एक मोनो केबल डिटेचेबल सिस्टम पर संचालित है। 14 केबिनों के साथ यह प्रति घंटा 400 लोगों को लेकर फेरी लगा सकता है।

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क की खास पेशकश अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद से कितना बदला जम्मू-कश्मीर में आप सभी का स्वागत है। आज बात करेंगे कश्मीर में मेक इन इंडिया अभियान के तहत हो रहे विकास कार्यों की और आपको बताएंगे कश्मीरी लड़कियों के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान और उनको मिलते सरकारी सहयोग की बात। लेकिन आज की रिपोर्ट की शुरुआत करते हैं विकास कार्यों के जिक्र से। 

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस महीने जम्मू में पीर खो से महामाया मंदिर तक सेक्शन I रोपवे का उद्घाटन किया। यह रोपवे एक मोनो केबल डिटेचेबल सिस्टम पर संचालित है। 14 केबिनों के साथ यह प्रति घंटा 400 लोगों को लेकर फेरी लगा सकता है। दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड द्वारा महामाया मंदिर रोपवे 'मेक इन इंडिया' विजन के तहत बनाया गया है। जब आप इस रोपवे से यात्रा करेंगे तो तवाई नदी के ऊपर से नदी के दोनों किनारों पर स्थित मंदिरों को देख पायेंगे और आसपास के मनोरम दृश्य का लुत्फ भी उठा सकेंगे। जहाँ तक इस रोपवे को बनाने वाली कंपनी की बात है तो आपको बता दें कि दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड (डीआरआईएल) ने देश में सर्वाधिक रोपवे बनाये भी हैं और उनका संचालन और रखरखाव भी करती है। इस रोपवे के माध्यम से जम्मू की ओर पर्यटकों का आकर्षण तो बढ़ेगा ही साथ ही यह अत्याधुनिक सुविधा प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित भी है।

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उधर, पहली बार जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों की लड़कियों को गोल्फ प्रशिक्षण शिविरों में शामिल होने का अवसर मिला है। शिविर का आयोजन जम्मू और कश्मीर युवा, खेल और सेवा विभाग द्वारा पर्यटन विभाग और अन्य सरकारी अधिकारियों के सहयोग से किया गया। कई लड़कियां इस विशेष गोल्फ प्रशिक्षण शिविर में पूरे जोश के साथ शामिल हुईं। उन्हें पेशेवर प्रशिक्षकों द्वारा तकनीक सिखाई जा रही है।

आपको कैसी लगी प्रभासाक्षी की पेशकश इसके बारे में राय जरूर दीजियेगा और हाँ 6 अगस्त तक विशेष रूप से चलने वाली हमारी इस श्रृंखला को अवश्य देखते रहिये क्योंकि बदलते कश्मीर की कहानी सबकी जुबां पर होनी ही चाहिए।





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