मालदा विस्फोट मामले में भाजपा की केंद्र से हस्तक्षेप की मांग, तृणमूल ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने का लगाया आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 20, 2020   19:29
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मालदा विस्फोट मामले में भाजपा की केंद्र से हस्तक्षेप की मांग, तृणमूल ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने का लगाया आरोप
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तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भाजपा 2021 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल भाजपा ने मालदा में हुए विस्फोट मामले में केन्द्र से हस्तक्षेप की मांग की और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के राज में राज्य अवैध बम बनाने की फैक्टरी में तब्दील हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा 2021 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि मालदा जिले के सुजापुर में बृहस्पतिवार, 19 नवंबर को प्लास्टिक की एक फैक्टरी में विस्फोट से छह लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच एक बार फिर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा ने घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एंजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की वहीं तृणमूल कांग्रेस ने घटना का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा था। 

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भाजपा के राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा,‘‘ हमारा मानना है कि मालदा विस्फोट जांच मामले में केन्द्र हस्तक्षेप करे। केवल केन्द्रीय एजेंसियां ही मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती हैं। राज्य पुलिस मामले की जांच करने के बजाए इसे दबाने की कोशिश करेगी।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस घटना के दोषी लोगों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।’’ घोष ने कहा कि ‘‘केवल बंगाल ’’ में ही विस्फोट के मामले क्यों हो रहे हैं ? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य अवैध बम निर्माण फैक्टरी में तब्दील हो गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि पार्टी सच्चाई को सामने लाने के लिए मामले की एनआईए जांच कराने के वास्ते केन्द्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जीकी अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस पहले ही एनआईए जांच की जरूरत को खारिज कर चुकी है और उसने भाजपा पर चुनाव से पहले मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। राज्य के मंत्री बी बासू ने कहा,‘‘भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। कुछ वर्ष पहले इसी तरह का विस्फोट गुजरात की एक रसायन कंपनी में हुआ था। उसमें कुछ लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। हमने उसमें किसी प्रकार का आतंकी कोण ढूंढने की कोशिश नहीं की।’’ 

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उन्होंने कहा,‘‘ राज्य चुनाव नजदीक हैं केवल इसलिए एक दुर्घटना को सांप्रदायिक रंग देने की जरूरत नहीं है।’’ विस्फोट पीड़ितों के परिवार से मुलाकात करने के लिए श्रीरूप मित्रा चौधरी की अगुवाई में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सुजापुर में हैं। पुलिस ने उन्हें दुर्घटना स्थल जाने से रोका। पश्चिम बंगाल विशेष कार्य बल के जवान और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शुक्रवार को सुजापुर में उस फैक्टरी में गए जहां विस्फोट हुआ था और उन्होंनं वहां से नमूने इकट्ठा किए।





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सरकार ने कसी ओला-ऊबर पर नकेल, नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया

  •  अभिनय आकाश
  •  नवंबर 28, 2020   19:37
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सरकार ने कसी ओला-ऊबर पर नकेल, नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया
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ओला उबर सबसे बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनियां हैं। पीक आवर्स में ऐसी कंपनियां किराया कई गुणा बढ़ाकर वसूलती हैं। एग्रीगेटर्स को डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना होगा कि डेटा भारतीय सर्वर में न्यूनतम तीन महीने और अधिकतम चार महीने उस तारीख से संग्रहीत किया जाए।

आपको जब सवेरे ऑफिस जाना हो या शाम परिवार के साथ घूमने तभी कैब एग्रीग्रेटर कंपनियां पीक आवर्स के नाम पर मनचाहा किराया वसूलती हैं। लेकिन अब भारत सरकार कैब कंपनियों पर नए नियम लाई है। सरकार का यह कदम अहम हो जाता है, क्योंकि लोग कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों के अधिकतम किराये पर लगाम लगाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। 

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बेस फेयर से 50% कम चार्ज करने की अनुमति

ओला उबर सबसे बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनियां हैं। पीक आवर्स में ऐसी कंपनियां किराया कई गुणा बढ़ाकर वसूलती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा शुक्रवार को जारी मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के अनुसार, ‘‘एग्रीगेटर कंपनियों को मूल किराये के 50 प्रतिशत तक न्यूनतम किराये और डेढ़ गुने तक अधिकतम किराये वसूलने की मंजूरी दी जाती है।’’ मंत्रालय ने कहा कि यह संसाधनों के इस्तेमाल को सुलभ करेगा और बढ़ावा देगा, जो कि परिवहन एग्रीगेशन के सिद्धांत का मूल है। यह गतिशील किराये के सिद्धांत को प्रमाणिक बनायेगा, जो मांग व आपूर्ति के अनुसार संसाधनों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने में प्रासंगिक है। नये दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सवारी (राइड) पर लागू किराये का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एग्रीगेटर के साथ जुड़े वाहन के चालक को मिलेगा। शेष हिस्सा एग्रीगेटर कंपनियां रख सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि जिन राज्यों में शहरी टैक्सी का किराया राज्य सरकार ने निर्धारित नहीं किया है, वहां किराया विनियमन के लिये 25-30 रुपये को मूल किराया माना जायेगा। राज्य सरकारें एग्रीगेटर द्वारा जोड़े गये अन्य वाहनों के लिये इसी तरह से किराया निर्धारित कर सकती हैं।

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डेटा की सुरक्षा के लिए बनाया नियम

एग्रीगेटर्स को डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना होगा कि डेटा भारतीय सर्वर में न्यूनतम तीन महीने और अधिकतम चार महीने उस तारीख से संग्रहीत किया जाए, जिस दिन डेटा जेनरेट किया गया था। डेटा को भारत सरकार के कानून के अनुसार सुलभ बनाना होगा लेकिन ग्राहकों के डेटा को यूजर्स की सहमति के बिना शेयर नहीं किया जाएगा। कैब एग्रीगेटर्स को एक 24X7 कंट्रोल रूम स्थापित करना होगा और सभी ड्राइवरों को अनिवार्य रूप से हर समय कंट्रोल रूम से जुड़ा होना होगा





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PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:34
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PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की।

नयी दिल्ली। दवा बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद में जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से वैज्ञानिक खोज और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने की प्रतिबद्धता मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की। 

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कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की यात्रा से हमें टीके के लिए प्रेरणा मिली है। इससे वैज्ञानिक खोज, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण तथा कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होती है।’’ कंपनी अभी कोवैक्सीन का तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण कर रही है।





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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:25
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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी
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राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये।

शिलांग। मेघालय में 71 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार को राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11,704 हो गयी। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कोविड-19 से एक और मरीज की मौत हो जाने से राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये। 

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वार के मुताबिक, मेघालय में फिलहाल कोविड-19 के 858 मरीज उपचाराधीन हैं। उनके अनुसार शनिवार को 129 और मरीजों के स्वस्थ होने के साथ ही अबतक 10,735 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अबतक कोविड-19 के लिये 2.39 लाख नमूनों की जांच हुई है।





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