Manipur में Census से पहले NRC लागू करने पर विचार, सरकार ने दिया आश्वासन

मणिपुर सरकार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह राज्य में आगामी जनगणना से पूर्व राष्ट्रीय नागरिक पंजी लागू करने की मांग पर पूरी गंभीरता से विचार कर रही है। सरकारी प्रवक्ता सपम रंजन ने आंदोलनकारी संगठन से समाज के हित में मिलकर काम करने की अपील की है।
इंफाल, तीन अक्टूबर मणिपुर सरकार ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की एक संगठन की मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संगठन ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (जेएफडी) के तहत एनआरसी की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और उसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से इस मुद्दे पर केंद्र के साथ विचार-विमर्श करने को कहा है। संगठन ने आगाह किया कि अगर 30 सितंबर तक उसकी मांग नहीं मानी गई, तो वह अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेगा।
मणिपुर सरकार के प्रवक्ता सपम रंजन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अधिकारी इस मांग को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध हैं कि जनगणना की प्रक्रिया से पहले एनआरसी कराया जाए।’’ भाजपा विधायक रंजन ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी गंभीरता से’’ प्रयास कर रही है और ‘‘मणिपुर के लोगों की इच्छा पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जेएफडी से अपील करना चाहता हूं कि वह लोगों के भविष्य और समाज के सभी वर्गों के हित के लिए मिलकर काम करे। हम सभी एक ही नाव में हैं।’’ एनआरसी की मांग को लेकर मेइती और नगा संगठनों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने मणिपुर में 2027 की जनगणना को स्थगित कर दिया था। राज्य में मई 2023 में घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था।
इस जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की जान गई, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए।
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