Mayawati का ऐलान: UP, उत्तराखंड और पंजाब चुनाव में BSP युवाओं को देगी तरजीह

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों में सर्वसमाज की युवा प्रतिभाओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए पार्टी में महिलाओं और पुरुषों दोनों को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देगी ताकि नई पीढ़ी के जरिए देश में आंबेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेजी से विकास हो सके। मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बसपा पूरे देश, खासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत ‘जेन-जी’ को पार्टी संगठन में करीब 50 प्रतिशत तक भागीदारी देने की प्रक्रिया लंबे समय से चला रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं पंजाब विधानसभा चुनाव में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर अमल जारी है ताकि नई पीढ़ी के जरिये देश में अपेक्षित आंबेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेजी से विकास हो सके।’’ बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से उम्मीदवारों के चयन में सर्वसमाज के अच्छे लोगों और युवाओं को प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने कहा कि इसमें महिला और पुरुष दोनों को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मायावती ने उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ सरकारी नौकरी, रोजगार, स्कूल, अस्पताल तथा शहरी व ग्रामीण विकास पर भी काम किया गया।
उन्होंने कहा कि इस क्रम में अनेक स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्र और पार्क स्थापित किए गए। मायावती ने दावा किया कि इन प्रयासों से लोगों का मजबूरी में पलायन भी काफी हद तक रुका। उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘घोर जातिवादी रवैये’’ के कारण बसपा 2012 में पांचवीं बार सत्ता में नहीं आ सकी।
उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद प्रदेश में कानून का राज कमजोर हुआ है और लोग परेशान हैं। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों के साथ युवा वर्ग को प्राथमिकता दें और महिला तथा पुरुष दोनों को प्रतिनिधित्व देने पर ध्यान दें।
अन्य न्यूज़














