Prabhasakshi NewsRoom: 70th Birthday पर Mayawati ने दिया बड़ा सियासी संदेश, ब्राह्मण, क्षत्रिय, यादव को साधने की कोशिश की

Mayawati
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मायावती ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर बसपा सत्ता में आती है तो 2007 की सरकार की तरह हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज के साथ क्षत्रिय और वैश्य समुदाय के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज अपना 70वां जन्मदिन मनाया और इस दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से शुभकामनाएं भी मिलीं। अपने जन्मदिन के मौके पर मायावती ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक दांव खेलते हुए ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ का नारा दिया और न सिर्फ दलितों और पिछड़ों बल्कि ब्राह्मण और क्षत्रिय-यादव समाज सहित सभी समुदायों को साधने की कोशिश भी की।

हम आपको बता दें कि मायावती ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर बसपा सत्ता में आती है तो 2007 की सरकार की तरह हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज के साथ क्षत्रिय और वैश्य समुदाय के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया। साथ ही सपा के कोर वोटर माने जाने वाले यादव समाज के लिए भी पूरा ध्यान रखने का आश्वासन दिया।

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मायावती ने कहा कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को पूरा सम्मान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मणों को किसी की “दान-दया” की जरूरत नहीं है और उन्हें भाजपा, सपा या कांग्रेस के बहकावे में नहीं आना चाहिए। मायावती ने भरोसा दिलाया कि बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मणों के साथ-साथ क्षत्रिय और जाट समाज का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा, जबकि दलितों और अल्पसंख्यकों का संरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। मायावती ने पिछले महीने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान की घटना का हवाला देते हुए यह भी कहा कि ब्राह्मण विधायकों ने अपनी उपेक्षा और उत्पीड़न को लेकर चिंता जताई थी, और इसीलिए बसपा सरकार में ब्राह्मणों की हर चाहत पूरी होगी। मायावती ने भाजपा, कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्राह्मणों को इनके बहकावे में नहीं आना चाहिए क्योंकि ये दल उन्हें सिर्फ ‘बाटी-चोखे’ जैसी सामग्रियों से बहलाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार के दौरान कभी किसी मंदिर, मस्जिद या चर्च को नहीं गिराया गया।

मायावती ने ईवीएम पर एक बार फिर अविश्वास जताया और बसपा कार्यकर्ताओं से 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरी मेहनत से काम करने की अपील भी की। इसके अलावा उन्होंने अपनी आत्मकथा के 21वें संस्करण (ब्लू बुक) का विमोचन भी किया, जिसमें पार्टी के इतिहास और संघर्ष की जानकारी दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मंच पर भी निशाना साधा और इसे एक छलावा बताया। साथ ही उन्होंने 1995 के गेस्ट हाउस कांड का ज़िक्र करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा केवल यादव समाज के एक ख़ास वर्ग का ध्यान रखती है।

वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय और गन्ना किसानों को भी साधते हुए मायावती ने याद दिलाया कि उनकी सरकार के दौरान शिक्षित जाट युवाओं को पुलिस भर्ती में बड़े अवसर दिए गए थे और भविष्य में भी उनके हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

हम आपको यह भी बता दें कि मायावती की प्रेस वार्ता के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के चलते अफरा-तफरी मच गई थी। मायावती अपने जन्मदिन पर जब बसपा की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं, तभी मंच पर लगे लाइटिंग उपकरण से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके चलते सुरक्षा कारणों से प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही रोकना पड़ा। इस दौरान मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही देश में बसपा आंदोलन को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रही हैं।

उधर, मायावती के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की, जबकि अखिलेश यादव ने उन्हें सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष को जारी रखने की शुभेच्छा दी। हम आपको यह भी बता दें कि मायावती का जन्मदिन बसपा द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी नेता के प्रति समर्थन जता रहे हैं।

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