मल्टी बैरल रॉकेट लांचर 'पिनाका' खरीदने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 2580 करोड़ रु का समझौता किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 31, 2020   20:15
मल्टी बैरल रॉकेट लांचर 'पिनाका' खरीदने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 2580 करोड़ रु का समझौता किया

टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) और लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) के साथ अनुबंध पर दस्तखत किया गया है जबकि रक्षा क्षेत्र के सरकारी उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाया गया है। बीईएमएल ऐसे वाहनों की आपूर्ति करेगी जिस पर रॉकेट लांचर को रखा जाएगा।

नयी दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने छह सैन्य रेजिमेंट के लिए 2580 करोड़ रुपये की लागत से पिनाका रॉकेट लांचर खरीदने को लेकर सोमवार को दो अग्रणी घरेलू रक्षा कंपनियों के साथ समझौता किया। अधिकारियों ने बतायाा कि पिनाका रेजिमेंट को सैन्य बलों की संचालन तैयारियां बढ़ाने के लिए चीन और पाकिस्तान के साथ लगती भारतीय सीमा पर तैनात किया जाएगा। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) और लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) के साथ अनुबंध पर दस्तखत किया गया है जबकि रक्षा क्षेत्र के सरकारी उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाया गया है। बीईएमएल ऐसे वाहनों की आपूर्ति करेगी जिस पर रॉकेट लांचर को रखा जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: रक्षा मंत्रालय बेंगलुरू में 3-5 फरवरी के बीच करेगा एयरो इंडिया का आयोजन, रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां लेंगी हिस्सा

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि छह पिनाका रेजिमेंट में ‘ऑटोमेटेड गन एमिंग एंड पोजिशनिंग सिस्टम’(एजीएपीएस) के साथ 114 लांचर और 45 कमान पोस्ट भी होंगे। बयान में कहा गया कि मिसाइल रेजिमेंट का संचालन 2024 तक शुरू करने की योजना है। इसमें कहा गया कि हथियार प्रणाली में 70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परियोजना को मंजूरी दी है। पिनाका मल्टीपल लांच रॉकेट सिस्टम (एमएलआरएस) को डीआरडीओ ने विकसित किया है। मंत्रालय ने बताया, ‘‘यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रदर्शित करती है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...