मिजोरम की CADC अपने स्कूलों में सत्र 2027-28 से लागू करेगी NEP

चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में 2027-28 सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही छात्रों को स्थानीय भाषा सिखाने के लिए हर बुधवार को मिजो स्पीकिंग डे भी मनाया जाएगा।
दक्षिणी मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में स्थित चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) अपने अधिकार क्षेत्र के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 2027-28 शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करेगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इन विद्यालयों में हर सप्ताह एक दिन ‘मिजो स्पीकिंग डे’ भी मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ये फैसले रविवार को कमलानगर स्थित परिषद मुख्यालय में शिक्षा प्रशासन पर हुई बैठक में लिए गए। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के कार्यकारी सदस्य प्रभारी दोयमोय देवेंग चकमा ने की। बैठक में तय किया गया कि सीएडीसी के अधिकार क्षेत्र के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में हर बुधवार को ‘मिजो स्पीकिंग डे’ मनाया जाएगा, ताकि छात्रों को मिजो सीखने और उसका अभ्यास करने के नियमित अवसर मिल सकें।
अधिकारी के अनुसार, इस पहल को लागू करने के लिए दिशानिर्देश और तौर-तरीके तैयार करने के वास्ते प्राथमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय अधीक्षक सतीश चकमा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में मिजोरम सरकार की नीति रूपरेखा और दिशानिर्देशों के अनुरूप 2027-28 सत्र से एनईपी लागू करने का भी फैसला किया गया। जिला स्कूल शिक्षा बोर्ड (डीएसईबी) और संबंधित शिक्षा विभाग तैयारियों से जुड़े कदम उठाएंगे और इसके क्रियान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी करेंगे।
बैठक में ‘चकमा स्वायत्त जिला परिषद (प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों का स्थानांतरण और पदस्थापन) नियम, 2026’ के मसौदे को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। शिक्षा अधिकारी पुण्य जगत तालुकदार की अध्यक्षता वाली एक समीक्षा समिति को मसौदे की जांच कर 10 अक्टूबर तक इसे अंतिम रूप देने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके बाद इसे कार्यकारी समिति के समक्ष विचार के लिए पेश किया जाएगा।
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