Governor VK Singh से मिला Mizoram का छात्र संघ, 7 इंजीनियरिंग सीटों पर मांगा दखल

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आइजोल में छात्र संगठन मिजो जिरलाई पॉल के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल विजय कुमार सिंह से मुलाकात कर केंद्रीय कोटे की रिक्त इंजीनियरिंग सीटों को भरने की मांग की। राज्यपाल ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वह हैदराबाद के कॉलेज में आवंटित सात सीटों का मामला जल्द केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाएंगे। इसके साथ ही बैठक में शैक्षणिक संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान और राष्ट्रीय एकीकरण यात्राओं के आयोजन पर भी सहमति बनी।

मिजोरम के प्रभावशाली छात्र संगठन मिजो जिरलाई पॉल (एमजीपी) ने राज्यपाल विजय कुमार सिंह से केंद्रीय कोटा के तहत राज्य को आवंटित इंजीनियरिंग की सात सीटों पर दाखिले के मुद्दे में हस्तक्षेप करने की अपील की है। संगठन के महासचिव लालमिंगसांगा चांग्ते ने शुक्रवार को बताया कि एमजीपी के अध्यक्ष डॉ. सी. लालरेमरुआता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार शाम यहां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, मिजो छात्रों के लिए राष्ट्रीय एकीकरण यात्राओं तथा नशे के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम अभियानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

चांग्ते ने बताया कि बैठक के दौरान एमजीपी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को जानकारी दी कि केंद्रीय कोटा के तहत हैदराबाद के मातृश्री इंजीनियरिंग कॉलेज में मिजोरम को आवंटित सिविल इंजीनियरिंग की पांच और इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की दो सीटें भरी नहीं जा सकीं, जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र संगठन ने बताया कि उसने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से पहले ही लिखित रूप में संपर्क किया है। चांग्ते ने बताया कि इसके जवाब में सिंह ने एमजीपी के नेताओं को आश्वासन दिया कि वह इस मामले को जल्द से जल्द केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाएंगे।

उन्होंने प्रभावित छात्रों से चिंता न करने की अपील भी की। एमजीपी ने मिजो छात्रों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय एकीकरण यात्राएं आयोजित करने में समर्थन देने का भी अनुरोध किया। राज्यपाल ने छात्र संगठन से यात्राओं के लिए प्रस्तावित स्थानों की सूची लिखित रूप में देने को कहा, ताकि आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों में नशे को लेकर जागरूकता और रोकथाम अभियान चलाने की योजनाओं पर भी चर्चा की। इस पहल का स्वागत करते हुए सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता की शुरुआत प्राथमिक स्तर से होनी चाहिए और इसे हर स्तर पर व्यापक रूप से चलाया जाना चाहिए, क्योंकि नशे की लत का परिवार और समाज पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने छात्र नेताओं से कहा कि वह प्रस्तावित नशा जागरूकता अभियान को लेकर स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के निदेशक से चर्चा करेंगे।

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