आजादी से पहले देश के लिए मरने का मिजाज था और आज जीने का मिजाज है: मोदी

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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमसे जो अपेक्षा की है, उसे पूरा करने के लिए हम आगे आएं और इन दो महत्वपूर्ण विषयों पर जन सामान्य को आगे लाने के लिए प्रयास करें।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विभिन्न दलों के सांसदों का आह्वान किया कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष और 2022 में देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के अवसरों पर पूरे देश को जोड़ना चाहिए। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में रखे गये धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में इस बात का खाका खींचने का प्रयास किया है कि हम भारत को कहां ले जाना चाहते हैं, कैसे ले जाना चाहते हैं? हम भारत की आम जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किन चीजों पर बल देना चाहते हैं?

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मोदी ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हमारे पास बापू से बड़ी कोई प्रेरणा नहीं है, आजादी के लिए मर मिटने वाले वीरों के बलिदान से बड़ी कोई याद नहीं है। उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के अवसरों पर समारोह आयोजित करके उन भावनाओं को फिर से जाग्रत कर सकते हैं। यह सरकार का नहीं पूरे देश का एजेंडा है। मोदी ने कहा कि आजादी से पहले देश के लिए मरने का मिजाज था। आज देश के लिए जीने का मिजाज है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने भी अपने अभिभाषण में इन दोनों अवसरों का उल्लेख किया है। 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमसे जो अपेक्षा की है, उसे पूरा करने के लिए हम आगे आएं और इन दो महत्वपूर्ण विषयों पर जन सामान्य को आगे लाने के लिए प्रयास करें। उन्होंने सांसदों का आह्वान किया कि देश तैयार है, आइए हम सब मिलकर एक नये भारत के, आधुनिक भारत के निर्माण के लिए राजनीतिक सीमाओं से बाहर निकलकर और देश के करोड़ों लोगों की आशा, आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राष्ट्रहित में काम करें।

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