NHRC ने Delhi में भीषण गर्मी पर पर्यावरण मंत्रालय से 2 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली में अत्यधिक गर्मी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों और श्रमिकों की स्थिति पर संज्ञान लेते हुए पर्यावरण मंत्रालय को दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गैर-सरकारी संगठन ग्रीनपीस इंडिया के अनुसार, आयोग ने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला बनता है। संगठन की शिकायत में दावा किया गया कि 68 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में लू के मरीजों के इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं मौजूद नहीं थीं।
मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को दिल्ली में बहुत अधिक गर्मी का संवेदनशील समुदायों पर असर की एक शिकायत पर गौर करने तथा दो सप्ताह के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गैर-सरकारी पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस इंडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ग्रीनपीस इंडिया ने यहां जारी एक बयान में कहा कि मानवाधिकार आयोग ने 18 अगस्त की अपनी कार्यवाही में कहा कि अगर आरोप सही हैं, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के समान है।
संगठन जिस शिकायत का जिक्र कर रहा था, उसमें रेहड़ी-पटरी वाले, बाहर काम करने वाले लोगों आदि पर भीषण गर्मी के असर को लेकर चिंता जताई गई थी। ग्रीनपीस इंडिया ने मई 2025 में यह शिकायत दर्ज करायी थी और इसमें दिल्ली में खुले में काम करने वालों और संवेदनशील समुदायों पर भीषण गर्मी के असर पर संगठन की रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया था। शिकायत में एक सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि सिर्फ 32 प्रतिशत सरकारी अस्पताल लू के मरीज़ों के इलाज के लिए तैयार थे, जबकि 68 प्रतिशत में जरूरी सुविधाएं नहीं थीं।
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