Nithari Case: Surinder Koli की मौत पर पीड़िता के पिता का दावा, आत्महत्या नहीं हत्या हुई

निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत पर एक पीड़िता के पिता ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अहम जानकारी दबाने के लिए कोली की हत्या की गई है, न कि उसने आत्महत्या की। इसके अलावा उन्होंने मोनिंदर सिंह पंढेर को इस पूरे मामले का मुख्य दोषी बताया।
2006 के निठारी मामले में शिकार बनीं कम उम्र की लड़कियों में शामिल एक 15 साल की लड़की के पिता ने शुक्रवार को हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व आरोपी की हत्या की गई थी, न कि उसने आत्महत्या की थी। झब्बू लाल (64) ने कहा कि सुरेंद्र कोली की हत्या हुई है; उसने आत्महत्या नहीं की है। उनकी बेटी भी उन बच्चों में शामिल थी जो निठारी से गायब हो गए थे और बाद में पीड़ितों में से एक के तौर पर उसकी पहचान हुई थी। शुक्रवार को हरिद्वार में सप्त सरोवर रोड पर किराए की एक चाय की दुकान पर कोली फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की और शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को कब्जे में ले लिया गया है और पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।
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हालांकि, लाल ने सवाल उठाया कि जेल से रिहा होने के बाद कई महीने बाहर बिताने के बाद कोली ऐसा कदम क्यों उठाएगा। उन्होंने कहा अगर जेल में रहते हुए उन्होंने आत्महत्या की होती, तो समझा जा सकता था कि वह डिप्रेशन में थे। लेकिन जेल से रिहा होने और बाहर कई महीने बिताने के बाद उन्होंने अपनी जान दे दी? इससे सवाल उठते हैं। लाल ने आरोप लगाया वह कोई अहम जानकारी बताने ही वाला था। इसीलिए उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि निठारी मामले में कोली मुख्य दोषी नहीं था, बल्कि मुख्य आरोपी बिज़नेसमैन मोहिंदर सिंह पंढेर था, जिसके सेक्टर 31 वाले घर में कोली घरेलू नौकर के तौर पर काम करता था।
लाल ने कहा, "कोली मुख्य दोषी नहीं था। इस मामले में मुख्य आरोपी उसका मालिक मोहिंदर पंढेर था। उसे फांसी होनी चाहिए। लाल और उनकी पत्नी सुनीता (61) ने अपनी बेटी के लिए न्याय पाने में लगभग दो दशक बिता दिए हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के रहने वाले यह दंपत्ति काम की तलाश में करीब चार दशक पहले निठारी आ गया था। लाल इलाके के लोगों के कपड़े प्रेस करके अपनी आजीविका चलाते थे।
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