नीतीश ने किया 30 परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण, शिलान्यास एवं कार्यारंभ

नीतीश

पूरे देश का 400 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है और पूरे देश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17.2 प्रतिशत क्षेत्र बिहार का है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 से 2005 के बीच 2 लाख 65 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को जल संसाधन विभाग की 1469.73 करोड रुपये की 30 योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण, शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जल संसाधन विभाग की 1469.73 करोड़ रुपये की लागत की 30 विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण, शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में नीतीश ने कहा कि आज जल संसाधन विभाग की लगभग 1470 करोड़ रुपये की लागत की सिंचाई एवं बाढ प्रक्षेत्र की 30 विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण, शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 1082 करोड़ रुपये की 23 योजनाओं का उद्घाटन तथा 388 करोड़ रुपये लागत की 7 योजनाओं का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार बड़ी आबादी वाला राज्य है जिसकी जनसंख्या का घनत्व काफी अधिक है। यहां की 89 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में निवास करती है और यहां की 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य में कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है। ऐसी स्थिति में जल संसाधन विभाग की जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका है। नीतीश ने कहा कि बाढ़ से बिहार का बहुत बड़ा क्षेत्र प्रभावित होता है। यहां की 68 लाख 80 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित है जो कि बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 73.06 प्रतिशत है। 

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पूरे देश का 400 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है और पूरे देश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17.2 प्रतिशत क्षेत्र बिहार का है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 से 2005 के बीच 2 लाख 65 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया, जबकि वर्ष 2006 से 2020 के बीच 4 लाख 6 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता सृजित की गई। उन्होंने कहा कि साथ ही 17 लाख 25 हजार हेक्टेयर हृासित सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापित किया गया।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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