NSG श्वान डॉनी को सेना प्रमुख का सम्मान मिला, Red Fort धमाके के बाद की थी विस्फोटकों की तलाश

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के छह वर्षीय लेब्राडोर डॉनी को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख के प्रशंसा पत्र से अलंकृत किया गया है। डॉनी ने लाल किला परिसर और हरियाणा के फरीदाबाद में विस्फोटक से भरे संदिग्ध वाहनों की सफल पहचान कर अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार एनएसजी की के-9 इकाई के इस श्वान को उसकी असाधारण तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता के लिए यह सम्मान दिया गया।
वर्ष 2025 में लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद विस्फोटकों की तलाश में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के छह साल के श्वान डॉनी को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख के प्रशंसा पत्र के लिए चुना गया है। नर लैब्राडोर डॉनी को फरवरी 2022 में ‘ब्लैक कैट’ कमांडो बल की के-9 (श्वान) इकाई में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से 14 अगस्त को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि डॉनी को इस सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
पिछले वर्ष 10 नवंबर को 17वीं सदी के मुगलकालीन स्मारक लाल किला के पास विस्फोट हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। एनएसजी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि डॉनी को 10-11 नवंबर, 2025 को लाल किला क्षेत्र में तैनात किया गया था। उसने वाहन से किए गए आईईडी (वीबीआईईडी) विस्फोट से प्रभावित घटनास्थल को विस्फोटकों से मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान अहम भूमिका निभायी।
इसके बाद 12 नवंबर को डॉनी ने एक ऐसे वाहन की भी तलाशी ली, जिस पर लाल किला विस्फोट से जुड़े विस्फोटक ले जाए जाने का संदेह था। एनएसजी के अनुसार, यह वाहन हरियाणा के फरीदाबाद स्थित खंदावली में खड़ा था, जहां डॉनी ने एक बार फिर विस्फोटकों की मौजूदगी की पुष्टि की। एनएसजी ने कहा कि डॉनी को ‘‘असाधारण तकनीकी दक्षता, विश्वसनीयता और अभियान में प्रदर्शन’’ के लिए सम्मानित किया गया है।
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