कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ी हाथियों की संख्या, वर्तमान में 18 हाथी मौजूद

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ी हाथियों की संख्या, वर्तमान में 18 हाथी मौजूद
प्रतिरूप फोटो

पिछले साल दिसम्बर माह में उड़ीसा-छत्तीसगढ़ और प्रदेश के विभिन्न वनक्षेत्रों से भटक कर कान्हा परिक्षेत्र में एक जंगली हाथी ने प्रवेश किया था। कान्हा टाईगर प्रबंधन द्वारा इसे पकड़कर क्राल में रखकर चार महीने तक प्रशिक्षित किया।

मंडला। मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में 18 विभागीय हाथी मौजूद हैं। इनमें 9 नर और 9 मादा हैं। इन सभी हाथियों में से छह वर्ष से कम उम्र के चार बच्चे हैं। एक नवजात को छोड़कर तीन बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) आलोक कुमार ने बताया कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में विभागीय हाथियों का समुचित प्रबंधन किया जाता है। 

 

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प्रधान मुख्य वन संरक्षक बताया कि पिछले एक दशक से वर्षा काल में कान्हा प्रबंधन द्वारा हाथी रेजुविनेशन कैम्प आयोजित कर हाथियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है। इससे हाथियों को एक साथ रहने, खाने और विभिन्न गतिविधियों से इनका मनोवैज्ञानिक रूप से लाभ मिलता है। वन्य प्राणी चिकित्सक द्वारा हाथियों का सतत रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इस तरह के कैम्प आयोजित होने से हाथियों में नई ऊर्जा का संचार होने के साथ ही इन सामाजिक प्राणियों को एक साथ समय बिताने का अवसर मिलता है।

 

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आलोक कुमार ने  बताया कि पिछले साल दिसम्बर माह में उड़ीसा-छत्तीसगढ़ और प्रदेश के विभिन्न वनक्षेत्रों से भटक कर कान्हा परिक्षेत्र में एक जंगली हाथी ने प्रवेश किया था। कान्हा टाईगर प्रबंधन द्वारा इसे पकड़कर क्राल में रखकर चार महीने तक प्रशिक्षित किया। इस जंगली हाथी को क्राल से बाहर निकालकर अन्य विभागीय हाथियों के साथ रखकर प्रशिक्षित किया जा रहा है।





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