ओडिशा के Jeypore में 40 लाख रुपये की Brown Sugar बरामद, 6 गिरफ्तार

ओडिशा के Jeypore में 40 लाख रुपये की Brown Sugar बरामद, 6 गिरफ्तार
प्रतिरूप फोटो
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ओडिशा पुलिस ने जयपुर शहर में एक चार पहिया वाहन की तलाशी लेकर मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। तलाशी में 3,700 से अधिक छोटे पैकेटों में रखी ब्राउन शुगर, नकदी और हथियार बरामद कर एक महिला समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया।

कोरापुट, पांच अक्टूबर ओडिशा के जयपुर शहर में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर 40 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई और एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। जयपुर की उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अर्चिता मित्तल ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार को एक चार पहिया वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली।

इस दौरान एक ग्राम से कम वजन वाले ब्राउन शुगर के 3,700 से अधिक छोटे पैकेट और 10-10 ग्राम ब्राउन शुगर वाले 11 पैकेट बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 20,000 रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन, एक ‘भुजाली’ और एक चाकू भी जब्त किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मादक पदार्थ खुर्दा और नयागढ़ जिलों से लाया गया था और क्षेत्र में वितरण के लिए जयपुर पहुंचाया गया था।

एसडीपीओ ने बताया कि मादक पदार्थ कथित तौर पर 800 से 1,000 रुपये प्रति छोटे पैकेट की कीमत पर बेचा जाता था। मित्तल ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में जयपुर निवासी 35 वर्षीय रमा छत्रिया उर्फ रामू भी शामिल है, जो कथित तौर पर स्थानीय मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता है। उसे करीब दो महीने पहले जयपुर टाउन पुलिस ने कम मात्रा में ब्राउन शुगर से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उसे इस बार भी कथित तौर पर मादक पदार्थ खरीदते समय पकड़ा। इस बार बरामद मात्रा वाणिज्यिक है, जिस पर एनडीपीएस अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू होते हैं।’’ अन्य आरोपियों की पहचान खुर्दा निवासी 52 वर्षीय प्रकाश कुमार छुला सिंह, 26 वर्षीय शेख अली, 49 वर्षीय सत्य प्रिय पटनायक, कोरापुट निवासी 29 वर्षीय आलोक चेट्टी और नयागढ़ निवासी 36 वर्षीय सरोजिनी बराड़ा उर्फ रानू के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से कई का आपराधिक इतिहास है और उनके खिलाफ हत्या, डकैती तथा चोरी के मामले दर्ज हैं।

मित्तल ने कहा, ‘‘प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि यह एक सुनियोजित गिरोह था और इससे आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी सुराग मिले हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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