ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर जम्मू-कश्मीर में आक्रोश, उमर अब्दुल्ला बोले- जो दुखी उन्हें शांति से दुख मनाने दिया जाए

जम्मू और कश्मीर सरकार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर निवासियों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए निकट समन्वय में है।
ईरान पर अमेरिका इजरायल के साझा अटैक के बाद भारत से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत पर अपनी चिंता जाहिर की है। अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि ईरान में घट रही घटनाओं, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या भी शामिल है, को लेकर मैं अत्यंत चिंतित हूँ। मैं सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, शांति का समर्थन करने और तनाव या अशांति पैदा करने वाले किसी भी कार्य से बचने की अपील करता हूँ। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जम्मू और कश्मीर में शोक मना रहे लोगों को शांतिपूर्वक शोक मनाने की अनुमति दी जाए। पुलिस और प्रशासन को अत्यधिक संयम बरतना चाहिए और बल प्रयोग या प्रतिबंधात्मक उपायों से बचना चाहिए। जम्मू और कश्मीर सरकार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर निवासियों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए निकट समन्वय में है।
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गयी है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले खोमेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में ‘‘वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’’ मिला है। यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ द्वारा ली गयी सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखायी दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है।
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