नेताओं के Bed से शुरू होता है 90% महिलाओं का Political Career... Pappu Yadav के बिगड़े बोल, महिला आयोग ने भेजा Notice

Pappu Yadav
ANI
अंकित सिंह । Apr 21 2026 4:59PM

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के राजनीतिक करियर पर विवादित टिप्पणी करते हुए दावा किया कि 90% महिलाएं नेताओं से समझौता किए बिना सफल नहीं हो सकतीं, जिसके बाद बीजेपी ने माफी की मांग की है और महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राजनीति में महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणी करके राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि महिलाएं समझौता किए बिना राजनीति में सफल नहीं हो सकतीं और आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा और संरक्षा की अनदेखी की जा रही है। पप्पू यादव ने कहा कि भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन यहां उन्हें कभी सम्मान नहीं मिलेगा। इसके लिए व्यवस्था और समाज दोनों जिम्मेदार हैं। 90% महिलाएं राजनेताओं के कमरे में प्रवेश किए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। 

इसे भी पढ़ें: Deputy CM की रेस चूके Shravan Kumar को मिला वफादारी का इनाम, बने JDU विधायक दल के नेता

पप्पू यादव ने कहा कि अगर लोकसभा में महिलाओं की गरिमा का मुद्दा उठाया जाता है, तो यह मजाक बन जाता है। उन्होंने आगे कहा कि घरेलू हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है? अमेरिका से लेकर भारत तक, कौन महिलाओं को बुरी नजरों से देख रहा है? राजनेता। किसी राजनेता के शयनकक्ष तक पहुँचे बिना 90% महिलाएं राजनीति में प्रवेश भी नहीं कर सकतीं। महिलाओं के शोषण की संस्कृति जड़ पकड़ चुकी है। 

भाजपा ने पप्पू यादव से माफी मांगने की मांग करते हुए उनके बयान को चौंकाने वाला बताया है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि चौंकाने वाला बयान! जब पूरा देश नारी शक्ति आंदोलन चला रहा था, तब देखिए कांग्रेस समर्थित सांसद क्या कह रहे हैं। सांसद पप्पू यादव का महिलाओं पर विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 90% महिलाएं किसी नेता के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। यही उनकी मानसिकता है।

इसे भी पढ़ें: Bihar Cabinet पर लगेगी फाइनल मुहर? CM Samrat Chaudhary की PM Modi से दिल्ली में अहम मुलाकात

इस टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने नेता से स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने एक बयान में कहा कि इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग आपसे स्पष्टीकरण चाहता है कि आपने ऐसा आपत्तिजनक बयान क्यों दिया। आयोग यह भी पूछता है कि आपकी सदस्यता रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को सिफारिश क्यों नहीं की जानी चाहिए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़