राजनीति, फिल्म जगत और कला क्षेत्र के लोगों ने बिरजू महाराज को ‘असाधारण कलाकार’ बताया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2022   15:18
राजनीति, फिल्म जगत और कला क्षेत्र के लोगों ने बिरजू महाराज को ‘असाधारण कलाकार’ बताया

पारंपरिक भारतीय नृत्य शैली कथक को विश्व पटल पर ले जाने वाले प्रख्यात नर्तक बिरजू महाराज के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं और फिल्म जगत की हस्तियों ने शोक व्यक्त किया और इसे कथक के एक युग का अंत बताया।

नयी दिल्ली/मुंबई। पारंपरिक भारतीय नृत्य शैली कथक को विश्व पटल पर ले जाने वाले प्रख्यात नर्तक बिरजू महाराज के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं और फिल्म जगत की हस्तियों ने शोक व्यक्त किया और इसे कथक के एक युग का अंत बताया। बिरजू महाराज का सोमवार तड़के नयी दिल्ली स्थित अपने घर पर निधन हो गया। महाराज जी के नाम से विख्यात, बिरजू महाराज अगले महीने 84 वर्ष के होने वाले थे। उनकी पोती रागिनी महाराज ने बताया कि अंतिम समय बिरजू महाराज के आस-पास परिवार के लोग तथा उनके शिष्य मौजूद थे।

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वह रात के भोजन के बाद अंताक्षरी खेल रहे थे, जब महाराज को अचानक कुछ परेशानी होने लगी। रागिनी महाराज ने कहा, ‘‘ हम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए।’’ भारत के प्रख्यात कलाकारों में से एक, कथक नर्तक गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे और ‘डायलिसिस’ पर थे। उनकी पोती ने बताया कि संभवत: महाराज की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बिरजू महाराज का निधन एक युग की समाप्ति को चिह्नित करता है। कोविंद ने ट्वीट किया, ‘‘दिग्गज पंडित बिरजू महाराज का निधन एक युग के अंत का प्रतीक है। इसने भारतीय संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में खालीपन ला दिया है। वह एक प्रतीक बन गए थे, जिन्होंने कथक को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए अतुलनीय योगदान दिया। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।’’

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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि बिरजू महाराज के निधन से प्रदर्शन कला जगत को भारी क्षति हुई है। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘शोकसंतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कथक नर्तक बिरजू महाराज के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में कथक महारती का योगदान “अतुलनीय” है और इसके लिए उन्हें याद किया जाएगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया, ‘‘महान कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। वह कला के महान साधक थे, जो अपने पीछे बड़ी विरासत छोड़ गए हैं। उनका जाना देश और कला क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’ अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने कहा कि वह एक दिग्गज थे, लेकिन उनमें ‘‘ एक बच्चे जैसी मासूमियत थी।’’ दीक्षित ने बिरजू महाराज से प्रशिक्षण लिया था और उनके मार्गदर्शन में फिल्म ‘देवदास’ गीत ‘‘काहे छेड़े मोहे’’ पर नृत्य किया था।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वह मेरे गुरु और एक मित्र भी थे। उन्होंने मुझे नृत्य और अभिनय की पेचीदगियां सीखाईं, इन सभी के साथ ही हमेशा अपने मजेदार किस्सों से मुझे हंसाते भी रहे। वह अपने पीछे दुखी प्रशंसक और शिष्यों के अलावा एक बड़ी विरासत भी छोड़ गए हैं। महाराज जी, आपने मुझे नम्रता और शालीनता के साथ नृत्य में जो कुछ भी सिखाया उसके लिए धन्यवाद।’’ अभिनेत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद के साथ ही प्रशिक्षित भरतनाट्यम नर्तकी हेमा मालिनी ने भी ट्वीट कर बिरजू महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया। एक भावुक संदेश में उन्होंने लिखा, ‘‘ राष्ट्र एक सच्चे दिग्गज, प्रख्यात कथक नर्तक श्री बिरजू महाराज के निधन पर शोक व्यक्त करता है। अंतिम सांस तक उनके पांव में घुंघरू रहे। मैंने हमेशा एक महान कथक नर्तक के रूप में उनकी प्रशंसा की एवं उनका सम्मान किया, नृत्य के मंच पर उनकी उपस्थिति को याद करूंगी।’’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने एक ट्वीट में बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें ‘‘कथक के सबसे महान दूतों में से एक’’ बताया। निर्देशक अनिल शर्मा ने बिरजू महाराज के साथ हिट फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में काम किया था, उन्होंने याद किया कि कैसे उस्ताद 2001 की फिल्म में एक ठुमरी ‘‘चंदा आए तारे आए’’ की कोरियोग्राफी के लिए उत्साहित थे। शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह फिल्म ‘गदर 2’ में भी महाराज जी के साथ काम करना चाहते थे, लेकिन अब वह ‘‘एक सपना ही रह जाएगा।’’ कुचिपुड़ी नर्तक राजा रेड्डी ने कहा, ‘‘ मैं बहुत दुखी हूं। मैं उन्हें 70 के दशक से जानता हूं। जब मैं और मेरी पत्नी राधा पहली बार दिल्ली आए थे, वह कथक केन्द्र में प्रशिक्षण दे रहे थे और खुद भी कथक कर रहे थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन कथक को समर्पित कर दिया।’’

नृत्यांगना गीता चंद्राणी ने कहा, ‘‘ नृत्य की दुनिया में उनका योगदान वास्तव में ऐतिहासिक है और निश्चित रूप से उनके शिष्य और छात्र इसे आगे बढ़ाएंगे।’’ निर्देशक सुधीर मिश्रा, सरोज वादक अमजद अली खान, अभिनेता कमल हासन और गायिका दुर्गा जसराज ने भी बिरजू महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है।





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