केरल में गिरफ्तार पीएफआई नेताओं को 20 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार कोपॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 11 कार्यकर्ताओं को 20 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन्हें राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हाल ही में गिरफ्तार किया था।

कोच्चि। यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार कोपॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 11 कार्यकर्ताओं को 20 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन्हें राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हाल ही में गिरफ्तार किया था। एनआईए की हिरासत की अवधि आज समाप्त होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने एनआईए को 20 अक्टूबर को आरोपियों को पेश करने को कहा है। इस बीच, एनआईए ने तीसरे आरोपी अब्दुल सत्तार की सात दिन की हिरासत मांगी है, जिसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया था।

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अदालत सोमवार को हिरासत की अर्जी पर सुनवाई करेगी। एनआईए ने प्रतिबंधित पीएफआई और उसके गिरफ्तार नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों में एक विशेष समुदाय के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। यहां दर्ज एक मामले में 10 आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष पेश रिमांड रिपोर्ट में एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन ने युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया और अल-कायदा सहित अन्य आतंकवादी समूहों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

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अधिकारियों ने कहा था कि एनआईए की अगुवाई में 22 सितंबर को विभिन्न एजेंसी द्वारा देश भर में लगभग एक साथ की गई छापेमारी में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को देश में आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सबसे अधिक गिरफ्तारी केरल (22) में हुई थी। उसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक (दोनों जगह 20-20), तमिलनाडु (10), असम (9), उत्तर प्रदेश (8), आंध्र प्रदेश (5), मध्य प्रदेश में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। पुडुचेरी और दिल्ली में तीन-तीन तथा राजस्थान में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

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