गुर्जर समाज की महापंचायत में हिस्सा लेने आए लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 27, 2021   08:07
गुर्जर समाज की महापंचायत में हिस्सा लेने आए लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) लव कुमार ने बताया कि गुर्जर समाज के लोगों ने मिहिर भोज पीजी कॉलेज में महापंचायत की अनुमति मांगी थी लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी गई।

दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाए जाने से आक्रोशित गुर्जर समाज के लोगों ने रविवार को मिहिर भोज पीजी कॉलेज में ‘महापंचायत’ का आयोजन किया था जिसमें भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान से आए समाज के लोगों को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया।

हालांकि, इससे समाज के लोगों को कुछ खास फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने पुलिस लाइन में ही अपनी महापंचायत की। पुलिस हाजत में हुई महापंचायत में आमसम्मति से फैसला लिया गया कि दादरी में प्रतिमा स्थल पर नया शिलापट लगाया जाए, जिसपर ‘‘गुर्जर सम्राट मिहिर भोज” लिखा हो।

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राष्ट्रीय गुर्जर समन्वय समिति के अध्यक्ष अंतराम तंवर ने कहा, ‘‘अगर जिला प्रशासन शिलापट नहीं बदलता है तो गुर्जर समाज स्वयं ऐसा करेगा।’’ उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोकर पवित्र किया जाएगा। तंवर ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में गुर्जर समाज भारतीय जनता पार्टी का बहिष्कार करेगा।

उन्होंने बताया, ‘‘पंचायत में आमसम्मति से 51 सदस्यीय गुर्जर स्वाभिमान समिति का गठन किया गया, जो आगे के आंदोलन का संचालन करेंगी।’’

पंचायत में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान से भारी संख्या में गुर्जर समाज के नेता व प्रतिनिधि पहुंचे थे। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति के महापंचायत हो रही थी, अतः वहां पर जा रहे लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए समुदाय के नेताओं और लोगों को पुलिस लाइन में रखा गया।

अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) लव कुमार ने बताया कि गुर्जर समाज के लोगों ने मिहिर भोज पीजी कॉलेज में महापंचायत की अनुमति मांगी थी लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी गई।

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गुर्जर समाज के लोग बिना अनुमति की महापंचायत कर रहे थे, जबकि जिले में धारा 144 लागू है। वहीं, पुलिस की सख्ती के बाद गुर्जर समुदाय के लोगों ने दादरी से हटकर चिटैहरा गांव में महापंचायत शुरू कर दी थी।





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