तृणमूल सांसद ने सत्तापक्ष पर नफरत को शह देने का आरोप लगाया, ठाकुर ने बंगाल सरकार को विफल बताया

Pratima Mondal
प्रतिरूप फोटो
ANI Photo.
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सांसद प्रतिमा मंडल ने सदन में शून्यकाल के दौरान दावा किया, ‘‘महंगाई जैसे मुद्दों से देश का ध्यान भटकाने के लिए नफरत का माहौल बढ़ाया जा रहा है...इसे सत्तापक्ष की मदद मिल रही है..

नयी दिल्ली| तृणमूल कांग्रेस की सांसद प्रतिमा मंडल ने बुधवार को लोकसभा में दावा किया कि देश में नफरत और हिंसा का माहौल बढ़ाया जा रहा है और इसे सत्तापक्ष की शह मिल रही है।

इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि तृणमूल सांसद ने सदन में झूठ बोला है और गुमराह किया है क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्यों का विषय है तथा इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह विफल रही है।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सांसद प्रतिमा मंडल ने सदन में शून्यकाल के दौरान दावा किया, ‘‘महंगाई जैसे मुद्दों से देश का ध्यान भटकाने के लिए नफरत का माहौल बढ़ाया जा रहा है...इसे सत्तापक्ष की मदद मिल रही है..अगर कदम उठाए नहीं गए तो स्थानीय स्तर पर सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार नींद से जागे और उचित कदम उठाए।’’

इस पर अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘‘सांसद ने बगैर तथ्य के झूठे आरोप लगाये हैं। कानून व्यवस्था राज्यों का विषय है। उन्हें पश्चिम बंगाल की बात करनी चाहिए थी जहां की सरकार विफल है। पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है।’’

उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक मंत्री की करीबी के आवास से करोड़ों रुपये की बरामदगी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘सांसद को अपनी बात वापस लेनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।’’ सदन में भाजपा सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि यूक्रेन से लौटे उन मेडिकल छात्रों की पढ़ाई की व्यवस्था करनी चाहिए जिनकी शिक्षा वहां अधूरी रह गई थी।

जनता दल (यू) सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि केंद्र सरकार को बिहार में केंद्रीय टीम भेजकर सूखे की स्थिति का आकलन कराना चाहिए और उचित मदद मुहैया कराई जाए।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़